West Bengal: ममता बनर्जी ने भी तापस पॉल की मौत के लिए केंद्र को बताया दोषी


पार्टी के पूर्व सांसद और फिल्म अभिनेता तापस पॉल की असमय मौत के लिए मुख्यमंत्री व तृणमूल प्रमुख ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार को दोषी बताते हुए जमकर हमला बोला. रवींद्र सदन में बुधवार को तापस के अंतिम दर्शन व श्रद्धांजलि देने पहुंची ममता ने आरोप लगाया कि तापस पॉल, सुल्तान अहमद की मौत केंद्रीय एजेंसियों द्वारा बनाए गए दबाव और केंद्र सरकार की प्रतिशोध की राजनीति की वजह से हुई.

ममता ने कहा कि मानसिक रूप से तापस इतना प्रताड़ित हो चुका था कि वह पूरी तरह से टूट गया था. मरने से पहले तक उसे यह भी पता नहीं था कि आखिर उसने क्या अपराध किया था? एक मनोरंजन चैनल के निदेशक रूप में उन्होंने वेतन लिया था और इस लिए उन्हें 13 माह तक जेल में कैद रखा गया. बंगाली फिल्मों के जाने माने अभिनेता एवं तृणमूल कांग्रेस के पूर्व सांसद तापस पॉल का मंगलवार को तड़के दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया. वह 61 साल के थे.

ममता ने कहा कि लोगों को जेल में भेजा जा रहा है, मगर केंद्रीय एजेसियां उनकी संलिप्तता साबित करने में सक्षम नहीं हैं और न ही ये साबित करने में कि आखिर उसका गुनाह क्या है. अगर कोई अपराध करता है तो उसे जरूर सजा मिलनी चाहिए, मगर अब तक मैं नहीं जानती कि तापस पॉल और अन्य ने क्या गुनाह किया.

इससे पहले पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया था और कहा कि पॉल के निधन से फिल्म और राजनीति के क्षेत्र में भारी रिक्तता पैदा हुई है. बनर्जी ने कहा, तापस पॉल के निधन की खबर सुन दुखी और स्तब्ध हूं. वह बंगाली सिनेमा के सुपरस्टार और तृणमूल परिवार के सदस्य थे. तापस ने दो बार सांसद और एक बार विधायक के तौर पर लोगों की सेवाएं कीं। हमें उनकी कमी काफी खलेगी. पत्‍‌नी नंदिनी, बेटी सोहिनी और उनके सभी प्रशंसकों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं. इस दिन टॉलीवुड के दर्जनों अभिनेता, अभिनेत्री से लेकर तृणमूल के नेता व मंत्रियों ने उन्हें अंतिम विदाई दी.

ममता के बयान पर दिलीप का पलटवार

फिल्म अभिनेता व पूर्व सांसद तापस पॉल की मौत का आरोप मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र पर मढ़ने को लेकर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप घोष ने बुधवार को पलटवार किया और कहा कि तृणमूल के संसर्ग में जाने की वजह से ही तापस पॉल की मौत हुई है. दिलीप ने कहा कि तापस पहले अच्छे अभिनेता, अच्छे लोग थे. लेकिन तृणमूल कांग्रेस में शामिल होने के बाद ही उनकी भाषा, चरित्र और प्रकृति बदल गई थी. इसीलिए यह मौत तृणमूल के संसर्ग में जाने की वजह से हुई है.