About Me

header ads

CAA पर सत्या नडेला ने क्या कहा था, जिसपर हुआ विवाद? अब क्या आई सफाई; पूरा मामला


नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) को लेकर भारत में बीते करीब एक महीने से प्रदर्शन चल रहा है. विपक्षी दलों से लेकर आम प्रदर्शनकारी सड़कों पर सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं और इस कानून को संविधान के खिलाफ, अल्पसंख्यकों के खिलाफ करार दे रहे हैं. सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि दुनियाभर में रह रहे भारतीय मूल के निवासी भी इस कानून से प्रभावित हो रहे हैं और अपनी राय रख रहे हैं. माइक्रोसॉफ्ट के भारतीय मूल के सीईओ सत्या नडेला का सोमवार को एक बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने CAA पर अपनी राय रखी. सत्या नडेला के बयान के बाद बवाल हुआ, कई तरह की प्रतिक्रियाएं आई जिसके बाद उन्हें सफाई भी देनी पड़ी. सत्या नडेला ने CAA पर क्या बात कही, इस पर क्या विवाद हुआ और फिर उनकी सफाई क्या थी, पूरा मामला समझिए.

मैनहेट्टन में माइक्रोसॉफ्ट के एक इवेंट में दुनियाभर के बड़े एडिटर्स से बात करते हुए जब सत्या नडेला से भारत में जारी प्रदर्शन पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अपनी चुप्पी तोड़ी. बज़फीड के एडिटर इन चीफ बेन स्मिथ ने अपने ट्विटर अकाउंट पर सत्या नडेला का बयान जारी किया. बता दें कि सत्या नडेला टेक फील्ड या प्रवासी भारतीय में पहली ऐसी हस्ती हैं जिन्होंने इस मुद्दे पर बयान दिया है.

सत्या नडेला से पूछा गया सवाल: सरकार के साथ जो कंपनियां डील करती हैं उनपर काफी दबाव रहता है, मुझे लगता है कि भारत में नागरिकता संशोधन एक्ट पर जारी विरोध के बीच आपकी उस सरकार (भारत सरकार) को लेकर चिंताएं बढ़ी होंगी, कि वो डाटा का किस तरह इस्तेमाल कर रहे हैं?

 नडेला ने क्या जवाब दिया: ‘मेरा बचपन भारत में ही बीता है, जहां पर मैं बड़ा हुआ..जिस माहौल में बड़ा हुआ उस पर मैं पूरी तरह से गर्व करता हूं. मुझे लगता है कि वो एक ऐसी जगह है जहां पर हम दिवाली, क्रिसमस साथ में मिलकर मनाते हैं. लेकिन मुझे लगता है जो हो रहा है बुरा हो रहा है... खासकर उसके लिए जो कुछ और देखकर वहां पर बड़ा हुआ हो. अगर कहूं तो दो अमेरिकी चीजें जिनको हमने देखा है वह एक तकनीक है और दूसरा प्रवासियों के लिए उसकी पॉलिसी, जिसकी वजह से मैं यहां तक पहुंचा हूं.

मुझे लगता है कि ये बुरा है, लेकिन मैं एक बांग्लादेशी प्रवासी को जो भारत में आया हो उसे बड़ा होते हुए देखना चाहता हूं या इंफोसिस का सीईओ बनते हुए देखना चाहिए... ये ही आकांक्षा होनी चाहिए. अगर मैं देखूं तो जो मेरे साथ अमेरिका में हुआ मैं वैसा भारत में होते हुए देखना चाहता हूं.