हिंसक प्रदर्शनों से दहला बंगाल, मुख्यमंत्री ने शांति की अपील की



नागरिकता (संशोधन) कानून के खिलाफ लगातार दूसरे दिन शनिवार को भी पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन हुए. इस दौरान करीब पांच ट्रेनों एवं तीन रेलवे स्टेशनों को आग के हवाले कर दिया गया और कम से कम 25 बसें भी फूंक दी गई तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया. प्रदर्शनकारियों ने ज्यादातर नुकसान रेलवे संपत्तियों को पहुंचाया और मुर्शिदाबाद तथा हावड़ा जिलों ने इसका दंश झेला. 

इस नये कानून का पुरजोर विरोध कर रही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हिंसक प्रदर्शन और तोड़फोड़ करने वालों को कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है. वहीं विपक्षी भाजपा ने धमकी दी है कि यदि बांग्लादेशी मुस्लिम घुसपैठियों का उपद्रव जारी रहा तो वह राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के लिए केंद्र का रुख करेगी. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राज्य के विभिन्न हिस्सों में करोड़ों रुपये की सार्वजनिक संपत्ति या तो नष्ट कर दी गई या भीड़ द्वारा लूट ली गई. मुर्शिदाबाद जिले के कृष्णपुर स्टेशन पर कई खाली ट्रेनों को आग के हवाले कर दिया गया. इसके अलावा लालगोला स्टेशन पर रेल पटरियों पर तोड़फोड़ की गई. 

प्रदर्शनकारियों ने मुर्शिदाबाद के सुजनीपारा स्टेशन पर भी तोड़फोड़ की और पड़ोसी मालदा जिले में हरिशचंद्रपुर में रेल पटरियों पर आगजनी की. उन्होंने हावड़ा जिले के संकरेल रेलवे स्टेशन पर तोड़फोड़ की और इसके टिकट काउंटर में आग लगा दी तथा सिग्नल प्रणाली को क्षतिग्रस्त कर दिया. रेलवे सुरक्षा बल के एक अधिकारी ने बताया कि जब आरपीएफ और रेलकर्मियों ने उन्हें रोकने की कोशिश की तब उनकी पिटाई कर दी गई. उत्तरी 24 परगना जिलों तथा हावड़ा (ग्रामीण) से हिंसा की खबरें मिली हैं. पुलिस सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-छह (मुंबई रोड) और राष्ट्रीय राजमार्ग-दो (दिल्ली रोड) को कोलकाता से जोड़ने वाले कोना एक्सप्रेसवे पर हावड़ा में यातायात अवरुद्ध कर दिया. 

उन्होंने बताया कि कोना एक्सप्रेसवे पर करीब 25 सार्वजनिक एवं निजी बसें फूंक दी गई. प्रदर्शनकारियों ने मालदा और मुर्शिदाबाद में कई बसों को आग के हवाला कर दिया. पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कुछ मामलों में दमकल वाहनों और एंबुलेंसों को भी नहीं बख्शा. पुलिस ने बताया कि मुर्शिदाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग 34 और जिले की कई अन्य सड़कों को बाधित कर दिया गया. यह राजमार्ग उत्तरी और दक्षिणी बंगाल को जोड़ने वाला एक प्रमुख मार्ग है. वहां बसों को भी आग के हवाले कर दिया गया. जिले में अन्य सड़कों को भी बाधित कर दिया गया. उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा जिले के दोम्जुर इलाके में राष्ट्रीय राजमार्ग छह भी बाधित कर दिया. उन्होंने टायर जलाए और कई वाहनों में तोड़ फोड़ की.

पुलिस ने बताया कि बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी स्थिति नियंत्रित करने के लिए मौके पर हैं. अधिकारियों ने बताया कि मुर्शिदाबाद जिले में कुछ इलाकों में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीजार्च करना पड़ा. इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि बीती रात से ग्रामीण हावड़ा के बगनान इलाके में 20 दुकानों में आगजनी की गई. उन्होंने बताया कि सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने हावड़ा जिले में संकरेल रेलवे स्टेशन परिसर के एक हिस्से में भी आगजनी की. प्रदर्शनकारियों ने स्टेशन पर मौजूद रेलवे पुलिस बल के कर्मियों को भी पीटा. रेलवे के क्षेत्रीय प्रवक्ता संजय घोष ने बताया कि दक्षिण पूर्वी रेलवे के हावड़ा-खड़गपुर खंड पर भी पूर्वाह्न 11 बजे से ट्रेन सेवाएं ठप रहीं, क्योंकि प्रदर्शनकारी सांकरील, नालपुर, मोरीग्राम और बकरनवाबाज़ स्टेशनों पर पटरियों पर बैठ गए. दक्षिण पूर्व रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि हिंसक प्रदर्शन के बाद 28 एक्सप्रेस ट्रेनों सहित 78 ट्रेनें रद्द कर दी गई. उन्होंने बताया कि करीब 39 ट्रेनों के यात्रा कार्यक्रम में बदलाव किया गया या उनके मार्ग बदल दिए गए. संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ प्रदर्शन शुक्रवार को पश्चिम बंगाल में शुरू हुआ था.

प्रदर्शनकारियों ने हिंसा का सहारा लिया और रेलवे स्टेशनों पर आगजनी की. वे इस कानून को फौरन रद्द करने की मांग कर रहे हैं. पूर्वोत्तर भारत में भी इस कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से शांति बनाये रखने और लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने की दो बार अपील की. मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में उन्होंने कहा, ‘‘कानून अपने हाथ में मत लीजिए. सड़क और रेल यातायात जाम मत कीजिए. सड़कों पर आम लोगों के लिए परेशानी खड़ी मत कीजिए.’’ उन्होंने कहा, ‘‘ सरकारी संपत्तियों को नुकसान मत पहुंचाइए. जो लोग परेशानियां खड़ी करने के दोषी पाए जायेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.’’ 

पश्चिम बंगाल के राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से वर्तमान स्थिति में संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा दिखाने की अपील की. धनखड़ ने ट्वीट किया, ‘‘राज्य में हो रही घटनाओं से मैं परेशान और दुखी हूं. मुख्यमंत्री को अपने पद की शपथ के अनुसार भारत के संविधान के प्रति सच्ची आस्था और निष्ठा दिखानी होगी.’’ विपक्षी दल भाजपा और माकपा ने स्थित को नियंत्रित करने के लिए कुछ नहीं करने और राज्य को जलने देने के लिए तृणमूल कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराया. भाजपा के राष्ट्रीय सचिव राहुल सिन्हा ने शनिवार को कहा कि यदि स्थिति जारी रही तो पार्टी के पास राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा. 

माकपा प्रदेश सचिव सूर्यकांत मिश्रा ने हालात पर काबू पाने में नाकाम रहने को लेकर राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया. फिल्म निर्माता अर्पणा सेन, अभिनेता कौशिक सेन और कलाकार रूद्रपसाद सेनगुप्ता जैसी जानी मानी हस्तियों ने प्रदर्शनकारियों से हिंसा बंद करने की अपील की.