About Me

header ads

मलेशिया में सुमात्रा प्रजाति के अंतिम गैंडे की मौत, 25 साल की इमान कैंसर से पीड़‍ित थी


मलेशिया में सुमात्रा प्रजाति का अब एक भी गैंडा नहीं बचा है. बोर्नियो द्वीप स्थित मलेशिया के सबा प्रांत में  इमान नामक अंतिम मादा गैंडे की मौत हो गई. 25 साल की इमान कैंसर से पीड़‍ित थी. मलेशिया के अंतिम नर गैंडे की मौत छह महीने पहले ही हो चुकी है.

दो सींग वाले गैंडे विलुप्त होने के कगार पर 

दो सींग वाले सुमात्रा प्रजाति के गैंडे कभी भारत समेत समूचे एशिया में पाए जाते थे. विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे इस प्रजाति के अब सिर्फ 80 गैंडे ही इंडोनेशिया के सुमात्रा और बोर्नियो के जंगलों में बचे हैं.

जंगलों के उजड़ने से गैंडों की संख्या तेजी से घटी

जंगलों के उजड़ने और अवैध शिकार के कारण गैंडों की संख्या तेजी से घटी है. सबा की उप मुख्यमंत्री और पर्यावरण मंत्री क्रिस्टीना ल्यू ने इमान की मौत पर दुख जताते हुए कहा, इस प्रजाति को विलुप्त होने से बचाने की कोशिश अब भी जारी है.

कृत्रिम तरीके से निषेचन

इमान के अंडाणुओं को इसी प्रजाति के नर गैंडे के शुक्राणुओं के साथ कृत्रिम तरीके से निषेचन के लिए इंडोनेशिया भेजा जाएगा.

मादा गेंडे की कैंसर की वजह से मौत

सबा वन्यजीव विभाग के निदेशक ऑगस्टीन तुगा ने बताया कि इमान नाम की 25 वर्षीय मादा गेंडे की कैंसर की वजह से मौत हो गई. वह बोर्नियो द्वीप पर रहती थी। वह ट्यूमर के बढ़ते दबाव की वजह से उसे जबरदस्त दर्द होने लगा था. मुझे लगता है कि हम पुष्टि कर सकते हैं कि सुमात्रा राइनो अब मलेशिया में विलुप्त हो गए हैं. उन्होंने कहा कि मलेशिया के आखिरी नर सुमात्रा राइनो की इसी साल मई में मौत हो गई थी. वह मलेशिया के सबा राज्य में बोर्नियो द्वीप पर इमान के साथ उसी रिजर्व में रहता था.

जलवायु के अनुसार सुमात्रन गैंडे बदलाव नहीं कर सके

बोर्नियो राइनो एलायंस के कार्यकारी निदेशक जॉन पायने ने कहा कि जलवायु के अनुसार सुमात्रन गैंडे परिवर्तन नहीं कर सके और इसके साथ ही पारंपरिक चीनी चिकित्सा के लिए बड़े पैमाने पर उनका शिकार किया गया। लिहाजा, उनकी संख्या तेजी से घटती गई और आखिरकार वे विलुप्त हो गए.

इमान की मौत मलेशिया के लिए एक सदमा

मलेशिया की पर्यटन मंत्री क्रिस्टीना ने कहा कि इमान की मौत एक प्राकृतिक घटना थी और तात्कालिक कारण की वजह से यह मलेशिया के लिए एक सदमा है. मार्च 2014 में पकड़े जाने के बाद से इमान की बहुत ही बेहतर देखभाल की गई थी और उसका खास ध्यान रखा गया था.