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प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए बिहार सरकार का बड़ा फैसला, डीजल वाहनों पर लगेगी रोक


राज्य मंत्रिमंडल की बैठक मे आज कुल 12 प्रस्तावों पर मुहर लगायी गई. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदूषण पर राज्य सरकार ने बड़ा फैसला लिया है. जिसके अंतर्गत अब पटना और उसके आसपास के इलाके में अप्रैल 2021 से डीजल से चलने वाली गाड़ियों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया जाएगा. पटना, खगौल, दानापुर, फुलवारीशरीफ सहित शहरी क्षेत्रों में डीजल से चलने वाले अॉटोरिक्शा, ई-रिक्शा, सीएनजी वाहन प्रतिबंधित रहेंगे, वहीं इन इलाकों में पेट्रोल से चलने वाले वाहनों पर प्रतिबंध नहीं रहेगा. इसके साथ ही कैबिनेट की बैठक में निर्णय लिया गया कि लघु जल संसाधन में संविदा पर दो सौ जूनियर डॉक्टरों की बहाली की जाएगी. 

बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के तकरीबन 37 लाख बुजुर्गों के हक में भी बड़ा फैसला लिया गया है. मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना के तहत अगस्त तक आवेदन करने वाले लाभार्थियों को भी अप्रैल महीने से जोड़कर पेंशन का भुगतान पीएफएमएस (पब्लिक फाइनेंस मैनेजेंट सिस्टम) के द्वारा उनके एकाउंट में किया जाएगा. इसके साथ ही पेंशन आवेदनों की जांच और भुगतान की प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए राज्य स्तर से ही आवेदनों की स्वीकृति का फैसला किया गया है.

मंत्रिमंडल की बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव डॉ. दीपक प्रसाद ने बताया कि राज्य के 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वृद्धजनों को सम्मान पूर्वक जीवन जीने के साथ सामाजिक सुरक्षा प्रदान के लिए सरकार ने इस वर्ष अप्रैल में मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना लागू की है. वैसे वृद्धजन जिन्हें कोई पेंशन नहीं मिलती, वे इस योजना के लिए पात्र माने जाएंगे. योजना के तहत 60 वर्ष से ऊपर के वृद्धजन को 400 और 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को 500 रुपये देने के प्रावधान हैं.

प्रधान सचिव ने बताया अब तक पेंशन से जुड़े आवेदन जिला स्तर पर स्वीकृत होते थे. इस प्रक्रिया को सरल बनाया गया है. अब पेंशन आवेदन राज्य स्तर पर स्वीकृत किए जाएंगे. पेंशन के लिए आवेदक के पास आधार या मतदाता पहचान पत्र होना आवश्यक है. सरकार ने फैसला किया है कि आधार या मतदाता पहचान पत्र की वजह से कोई बुजुर्ग योजना से वंचित न रहे इसके लिए अभियान चलाकर आधार और मतदाता पहचान पत्र बनाने का फैसला हुआ है. साथ ही यह फैसला भी हुआ कि 31 अगस्त 2019 तक आवेदन करने वाले बुजुर्गों को एक अप्रैल के हिसाब से जोड़कर पेंशन राशि दी जाएगी. 31 अगस्त 2019 के बाद प्रत्येक महीने 1-15 तारीख को प्राप्त आवेदन के लिए पूरे महीने का भुगतान देय होगा. 15 तारीख के बाद आने वाले आवेदनों को अगले महीने आवेदन स्वीकृति की तिथि से भुगतान किया जाएगा. स्वीकृत आवेदनों का प्रत्येक वर्ष बायोमीट्रिक से नवीकरण किया जाएगा. 

मंत्रिमंडल ने पांचवे और छठे केंद्रीय वेतन आयोग की अनुसार अपुनरीक्षित वेतनमान में वेतन या पेंशन प्राप्त करने वाले सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ता में वृद्धि की है. पांचवे वेतनमान में काम करने वाले कर्मचारियों-पेंशनरों को अब 295 के स्थान पर 312 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया जाएगा. जबकि छठे वेतनमान में काम करने वाले कर्मियों, पेंशनरों को 154 के स्थान पर 164 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा. 

अन्य फैसले 

* मंत्रिमंडल ने समाजवादी नेता और विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष त्रिपुरारी प्रसाद की जयंती हर वर्ष छह अक्टूबर को राजकीय समारोह के रूप में मनाने की मंजूरी दी.

* मंत्रिमंडल ने लघु जल संसाधन विभाग में दो सौ इंजीनियरों की संविदा पर नियुक्ति का प्रस्ताव स्वीकृत किया.

* बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कॉ. की दोनों कंपनी के नुकसान की भरपाई के लिए 860 करोड़ मंजूर.

* संविदा पर नियुक्त आयुष डॉक्टरों को ऐलोपैथ डॉक्टरों के समान मानदेय के उपरांत टॉप-अप राशि देने का फैसला .

* पटना में सी-डैक की स्थापना के लिए सी-डैक पुणे को अनुदान के रूप में 65 करोड़ देने का फैसला.

* अनुसूचित जाति के 19 छात्रावास भवनों के निर्माण के लिए 104.69 करोड़ रुपयों की मंजूरी.