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हरियाणा का सस्पेंस खत्म, अमित शाह बोले- CM BJP का, जेजेपी का होगा डिप्टी CM


हरियाणा में सरकार बनने की तस्वीर साफ हो चुकी है. राज्य में सरकार बनाने के लिए भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) ने हाथ मिला लिया है.

जेजेपी के संस्थापक दुष्यंत चौटाला के साथ बैठक के बाद बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने ऐलान किया कि हरियाणा का मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा और उपमुख्यमंत्री जेजेपी का होगा. बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए अमित शाह ने कहा कि हरियाणा में बीजेपी और जेजेपी सरकार बनाएंगे.

शुक्रवार रात बीजेपी और जेजेपी के नेताओं की बैठक हुई. अमित शाह ने कहा कि प्रदेश की जनादेश का आदर करते हुए दोनों पार्टियों ने मिलकर सरकार बनाने का फैसला किया है. इस बैठक में यह तय हुआ कि प्रदेश में मुख्यमंत्री भारतीय जनता पार्टी का होगा और उपमुख्यमंत्री जेजेपी का होगा.

उन्होंने कहा कि कई निर्दलीय विधायकों ने भी बीजेपी को समर्थन दिया है. शनिवार को विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद मंत्रियों के नाम पर फैसला लिया जाएगा.

क्या खट्टर सीएम और दुष्यंत होंगे डिप्टी सीएम

अमित शाह के ऐलान के बाद यह साफ हो गया है कि हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी और 8 महीने पुरानी पार्टी जेजेपी मिलकर सरकार चलाएंगे. इस ऐलान के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि मनोहर लाल खट्टर एक बार फिर प्रदेश के मुख्यमंत्री बनेंगे. वहीं, दुष्यंत चौटाला हरियाणा के उपमुख्यमंत्री बनेंगे.

जेजेपी के समर्थन के बाद हरियाणा की विधानसभा में बीजेपी गठबंधन के पास कुल 59 सीटें हो जाएंगी, जो कि बहुमत से कहीं ज्यादा है. बीजेपी को 10 विधायकों वाले जेजेपी का समर्थन प्राप्त है. उनके अलावा 9 निर्दलीय विधायकों ने भी बीजेपी को समर्थन देने की बात कही है.

बैठक के बाद मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि हरियाणा को स्थायी सरकार मिले इसके लिए हमने जेजेपी के साथ गठबंधन किया है. शनिवार को सरकार बनाने की सारी प्रक्रिया शुरू होगी और गवर्नर से मिलकर प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हरियाणा में पांच साल तक स्थायी और मजबूत सरकार चलाने के लिए हम बीजेपी को समर्थन देने पर तैयार हुए हैं. इन सभी ऐलानों के बाद हरियाणा में सरकार बनाने पर कयासों का दौर खत्म हो गया है.

जेजेपी को 2 कैबिनेट मंत्री

सूत्रों के मुताबिक जेजेपी को 2 कैबिनेट मंत्री और एक राज्यमंत्री का पद दिया जाएगा. बीजेपी सूत्रों के अनुसार जेजेपी से गठबंधन की एक बड़ी वजह ये भी रही कि दिल्ली में 25 लाख जाट वोटर हैं जो दिल्ली विधानसभा चुनाव में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी को मात देने में बहुत बड़ी भूमिका निभा सकते हैं. जेजेपी के साथ अहम बैठक के लिए गृहमंत्री अमित शाह अपनी अहमदाबाद की यात्रा बीच में छोड़ कर दिल्ली वापस लौटे.