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धोनी पर गौतम का गंभीर बयान, कहा- अपने मनमुताबिक सीरीज नहीं खेल सकते


भारतीय टीम के पूर्व ओपनर और बीजेपी सांसद गौतम गंभीर ने महेंद्र सिंह धोनी के संन्यास को लेकर बड़ा बयान दिया है. धोनी वर्ल्ड कप के बाद से टीम में नहीं हैं और वह लगातार चयनकर्ताओं से आराम मांग रहे हैं. धोनी के संन्यास की खबरों पर गंभीर ने कहा, 'मैंने हमेशा से कहा है कि संन्यास का फैसला हर किसी का निजी फैसला है. मुझे लगता है कि चयनकर्ताओं को धोनी से बात करनी चाहिए और पूछना चाहिए कि उनकी रणनीति क्या है क्योंकि अगर आप भारत के लिए खेलते हैं तो आप सीरीज का चुनाव अपने हिसाब से नहीं कर सकते.

वर्ल्ड कप के बाद से मैदान पर नहीं उतरे धोनी

वर्ल्ड कप-2019 के दौरान धोनी अपनी धीमी बल्लेबाजी की वजह से आलोचकों के निशाने पर रहे. वह न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में रन आउट हो गए थे, जिसके बाद ही भारत की उम्मीदों पर पानी फिर गया था. टीम इंडिया के वर्ल्ड कप से बाहर हो जाने के बाद धोनी ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से ब्रेक ले लिया. धोनी वेस्टइंडीज दौरे के लिए भारत के सीमित ओवरों के स्क्वॉड से बाहर रहे. उन्होंने इस दौरान टेरिटोरियल आर्मी यूनिट के साथ कश्मीर में 15 दिन बिताए. वह दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ हाल ही में संपन्न तीन मैचों की घरेलू टी-20 इंटरनेशनल सीरीज में भी नहीं खेले.

इस बीच भारतीय टीम प्रबंधन ने संकेत दिया कि पूर्व कप्तान को 'बाहर' मानकर नहीं चला जा सकता. धर्मशाला में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ टी-20 मैच से पहले विराट कोहली ने कहा था, 'उनके (धोनी) बारे में एक बड़ी बात यह है कि वह भारतीय क्रिकेट के लिए सोचते हैं. और जो भी हम (टीम प्रबंधन) सोचते हैं, वह भी वही सोचते हैं. ' कोहली ने कहा था कि युवा खिलाड़ियों को तैयार करने और उन्हें अवसर देने के बारे में उनकी जिस तरह की मानसिकता थी, वह आज भी है.

उधर, धोनी मैदान पर वापसी के लिए फिटनेस पर पूरा ध्यान दे रहे हैं. खुद को फिट रखने के लिए पिछले दिनों उन्हें अपने गृह नगर रांची में पसीना बहाते देखा गया. वह रांची के जेएससीए (झारखंड राज्य क्रिकेट संघ) स्टेडियम में टेनिस के युवा नेशनल खिलाड़ियों के साथ जमकर प्रैक्टिस करते नजर आए थे. गंभीर ने यह भी कहा कि युवा विकेटकीपर बल्लेबाज ऋषभ पंत पर दबाव बनाना सही नहीं है. टीम प्रबंधन को उनसे बात करनी चाहिए और उनका साथ देना चाहिए.

गंभीर ने पंत का किया बचाव

गंभीर ने कहा, 'मुझे लगता है कि किसी भी युवा खिलाड़ी के ऊपर इस तरह का फोकस करेंगे तो परेशानी होगी. अभी उन्हें एक-डेढ़ साल ही हुआ है अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में. इतने में ही वो टेस्ट में दो शतक जमा चुके हैं. अगर आप बोलेंगे कि आपको उनके शॉट सेलेक्शन से परेशानी है तो ये उनका खेल है. आप उनको टीम में लीजिए या नहीं लीजिए. अगर आप उनको चुन रहे हैं तो फिर आप उनका साथ दीजिए क्योंकि एक युवा खिलाड़ी की इतनी आलोचना सही नहीं है.'

गंभीर ने कहा, 'सिर्फ विराट कोहली को ही नहीं कोच रवि शास्त्री को भी पंत से बात करनी चाहिए. टीम प्रबंधन का काम ही यही है कि आपका जो खिलाड़ी फॉर्म में नहीं है या फिर गलत शॉट सेलेक्शन कर रहा है, उससे बात कर उसे फॉर्म में लाया जाए और उसके खेल को सुधारा जाए. पंत को स्वतंत्रता देने की जरूरत है.'