कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान चोरबागान सर्वजनीन दुर्गा पूजा पंडाल में मची भगदड़ के बाद राज्य सरकार ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। महासप्तमी की शाम हुई इस घटना में 19 श्रद्धालुओं की मौत और 25 लोगों के घायल होने की खबर है। घटना के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने राज्यभर के प्रमुख दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा और ढांचागत व्यवस्था की जांच के लिए एक उच्चस्तरीय समिति गठित की है। इसके साथ ही मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की घोषणा भी की गई है।
मृतकों के परिजनों को 25 लाख रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल पहुंचकर हादसे में घायल लोगों का हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने मृतकों के आश्रितों को 25-25 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने और परिवार के एक सदस्य को ग्रुप-डी श्रेणी में सरकारी नौकरी प्रदान करने की घोषणा की।
तीन वरिष्ठ अधिकारियों की समिति करेगी सुरक्षा जांच
मुख्यमंत्री के निर्देश पर गठित उच्चस्तरीय समिति में राज्य के तीन वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा, अग्निशमन सेवा के महानिदेशक अनुज शर्मा और कानून-व्यवस्था के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक जावेद शमीम शामिल हैं।
डीजीपी के मार्गदर्शन में यह विशेष दल कोलकाता सहित राज्य के प्रमुख और अत्यधिक भीड़ वाले दुर्गा पूजा पंडालों का निरीक्षण करेगा। जांच के दौरान पंडालों की संरचना, आपातकालीन निकास और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं का आकलन किया जाएगा।
पूजा पंडालों में सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य
राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अष्टमी और नवमी के दौरान उमड़ने वाली भारी भीड़ को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसी उद्देश्य से सभी प्रमुख पूजा समितियों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
प्रशासन के मुताबिक, यदि किसी पंडाल की भव्य सजावट या जटिल थीम के कारण श्रद्धालुओं के आवागमन और बाहर निकलने के रास्तों में बाधा आती है, तो आयोजकों को आवश्यक बदलाव करने होंगे। ऐसी स्थिति में धार्मिक अनुष्ठानों को गर्भगृह तक सीमित रखने और बाहर बड़ी एलईडी स्क्रीन लगाने के निर्देश भी दिए जा सकते हैं।
इसके अलावा, पंडालों में आपातकालीन निकास द्वारों को पर्याप्त चौड़ा रखने, रस्सियों से बनाए गए अव्यवस्थित घेरों को हटाने और रोशनी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है।
भीड़ प्रबंधन पर प्रशासन की विशेष नजर
भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने आगामी पूजा आयोजनों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। सभी पूजा समितियों को जांच दल की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन करना होगा।
सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुर्गा पूजा के शेष दिनों में श्रद्धालु सुरक्षित वातावरण में पूजा-अर्चना कर सकें और किसी अन्य अप्रिय घटना की आशंका को कम किया जा सके।

Post a Comment