रथयात्रा के पवित्र दिन युवाशक्ति के नये बांग्ला डिजिटल चैनल का आगाज़ हुआ। युवाशक्ति के हिंदी चैनल ने पहले ही कामयाबी की नई उड़ान भरी है। 65 प्रतिशत युवाओं के देश में युवाशक्ति के 3 करोड़ युवा भी जुड़े हैं। अब युवाशक्ति बांग्ला उन सपनों को पूरा करेगा।
पिछली सरकार के दिनों की हताशा-निराशा अब उम्मीदों में बदलने लगी है, पर युवाओं की आवाज उठानी होगी। कितने ही सवाल हैं, लेकिन उनकी आवाज कहां है? ऐसे समय, जब अफवाहें सच से ज्यादा तेजी से फैल रही हैं, वहां बांग्ला में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष चैनल की ज़रूरत महसूस की जा रही थी।
चैनल का मानना है कि, “युवा इतना कोई हल नहीं है। यह मुश्किल सवाल पूछने का समय है। भ्रष्टाचार और अपराध से लड़ने का समय है।”
युवाशक्ति का मानना है कि न्यूज सिर्फ घटनाओं का कलेक्शन नहीं है। न्यूज समाज का आईना है। इसी तरह पत्रकारिता सिर्फ एक प्रोफेशन नहीं है। पत्रकारिता एक विचार है। युवा सिर्फ उम्र का हिस्सा नहीं हैं, बल्कि युवा हमारी ताकत है।
एक नये विजन, एक निष्पक्ष आवाज, एक प्रतिबद्धता के साथ नया सफर है युवाशक्ति बांग्ला का।
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