तृणमूल नेता जयप्रकाश मजूमदार की याचिका से न्यायमूर्ति तीरथंकर घोष ने खुद को किया अलग


कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस नेता जयप्रकाश मजूमदार द्वारा दायर याचिका पर अब कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तीरथंकर घोष सुनवाई नहीं करेंगे। उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला देते हुए इस मामले से स्वयं को अलग कर लिया है। अब यह मामला किसी अन्य न्यायपीठ के समक्ष सूचीबद्ध किया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, जयप्रकाश मजूमदार ने अपनी गिरफ्तारी के बाद उच्च न्यायालय में जमानत याचिका दायर की थी। इस याचिका की सुनवाई पहले न्यायमूर्ति घोष की अदालत में होनी थी, लेकिन अब इसे किसी अन्य न्यायाधीश के समक्ष स्थानांतरित किया जाएगा।

मामले से जुड़े विवरण के अनुसार, हाल ही में जयप्रकाश मजूमदार को एक फ्लैट पर कथित अवैध कब्जे और उससे जुड़े विवाद के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उन पर आरोप है कि उन्होंने लगभग 14 वर्षों से एक फ्लैट पर अवैध रूप से कब्जा कर रखा था। इसके अलावा, विरोध प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों के साथ कथित हाथापाई और धमकी देने के भी आरोप सामने आए थे।

अभियोग के अनुसार, 3 जून को जब कुछ लोग इस विवाद को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब कथित रूप से उनके साथ झड़प हुई। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें हिरासत में लिया गया। बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

यह भी बताया गया है कि संबंधित फ्लैट 2012 में किराए पर लिया गया था और 2015 में उसका अनुबंध समाप्त हो गया था। इसके बाद न तो अनुबंध का नवीनीकरण किया गया और न ही नया समझौता हुआ, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद फ्लैट पर कब्जा बनाए रखा गया।

फिलहाल, मामला न्यायिक प्रक्रिया में है और अब नई बेंच में इसकी सुनवाई होगी।

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