टाइगर अभी जिंदा है - पटना में लगे पोस्टर से गरमाई सियासत


कल बिहार में विधानसभा चुनाव के नतीजे आने वाले हैं,जिसके बाद वहां की तस्वीर साफ हो जाएगी। इससे पहले राज्य की राजनीति में 'टाइगर अभी जिंदा है' का नारा गूंज उठा है। गुरुवार को राजधानी पटना में जनता दल (यू) कार्यालय के बाहर लगा एक पोस्टर सियासी चर्चा का केंद्र बन गया है। इस बड़े से पोस्टर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तस्वीर है, जिसके नीचे लिखा है- "टाइगर अभी जिंदा है।"

यह पोस्टर केवल एक नारा नहीं, बल्कि JDU की तरफ से दिया गया एक मज़बूत संदेश है। इसे बिहार सरकार में मंत्री रहे रणजीत सिन्हा ने लगवाया है। यह पोस्टर उन सभी अफवाहों और विपक्षी हमलों का जवाब है, जिनमें चुनाव शुरू होते ही नीतीश कुमार की गिरती सेहत और घटती लोकप्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे थे। इसका सीधा मतलब है कि NDA में किसी भी भ्रम और विपक्ष के तमाम हमलों के बावजूद नीतीश कुमार अब भी राज्य की राजनीति के सबसे मज़बूत खिलाड़ी और दलित, महादलित, पिछड़ा, अति पिछड़ा, सवर्ण, अल्पसंख्यक के संरक्षक हैं।

यह 'शक्ति प्रदर्शन' ऐसे समय में हो रहा है जब लगभग सभी एग्ज़िट पोल्स ने NDA को स्पष्ट बहुमत की ओर इशारा किया है। 'पोल ऑफ पोल्स' के अनुसार, NDA बिहार की 243 में से करीब 154 सीटें जीत सकती है। अगर एग्ज़िट पोल्स के ये आंकड़े सही साबित होते हैं, तो नीतीश कुमार की सरकार की वापसी तय मानी जाएगी। माना जा रहा है कि इसमें महिला वोटर्स की निर्णायक भूमिका रही है। इस बार बिहार में लगभग 67% मतदान हुआ, जिसमें महिलाओं की हिस्सेदारी पुरुषों से 9% ज़्यादा रही।

नतीजों से पहले जहां JDU आत्मविश्वास दिखा रही है, वहीं विपक्ष पूरी तरह से आक्रामक है। राजद नेता तेजस्वी यादव ने काउंटिंग प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए बड़ा आरोप लगाया है। तेजस्वी ने कहा है कि "काउंटिंग स्लो कराने की साजिश" की जा रही है, लेकिन "जनता इस बार बेईमानी नहीं होने देगी।" उन्होंने कार्यकर्ताओं से हर बूथ पर कड़ी नजर रखने की अपील की है। इस राजनीतिक गहमागहमी के बीच मतगणना केंद्रों पर थ्री-टियर सिक्योरिटी लागू की गई है। EVM और VVPAT मशीनों की सुरक्षा के लिए CAPF, CISF और CRPF के जवान तैनात हैं।

काउंटिंग राजधानी पटना के AN कॉलेज में 14 नवंबर को होगी, जहां सुबह 8 बजे से मतों की गिनती शुरू हो जाएगी। सोशल मीडिया पर जहां समर्थक इसे नीतीश कुमार की 'कमबैक एनर्जी' बता रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे 'डैमेज कंट्रोल' की कोशिश कह रहा है।

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