सीयूएसबी में खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए बाजरा एक सतत फसल विषय पर वेबिनार हुआ आयोजित


युवा शक्ति संवाददाता 
गया: अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष -2023 के उपलक्ष्य में दक्षिण बिहार केन्द्रीय विश्वविद्यालय (सीयूएसबी) के लाइफ साइंस विभाग ने बुधवार को बाजरा खाद्य और पोषण सुरक्षा के लिए सतत फसल विषय पर एक वेबिनार का आयोजन किया.सीयूएसबी के जन सम्पर्क पदाधिकारी मो. मुदस्सीर आलम ने बताया कि अप्रैल 2018 में, बाजरा को न्यूट्री अनाज के रूप में फिर से ब्रांडेड किया गया था, जिसके बाद वर्ष 2018 को बाजरा के राष्ट्रीय वर्ष के रूप में घोषित किया गया, जिसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर प्रचार और मांग पैदा करना था.भारत द्वारा प्रस्तावितसंयुक्त राष्ट्र महासभा ने मार्च 2021 में अपने 75वें सत्र में वर्ष 2023 को अंतरराष्ट्रीय बाजरा वर्ष (आईवाईएम 2023) घोषित किया.पीआरओ ने बताया कि इसी के मद्देनज़र सीयूएसबी ने अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष के अंतर्गत प्रतिभागियों में बाजरा के इस्तेमाल के प्रति जागरूकता फ़ैलाने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम को आयोजित किया.

कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने भारतीय संस्कृति और बाजार में बाजरा के महत्व पर जोर दिया.
वेबिनार की अध्यक्षता करते हुए सीयूएसबी के कुलपति प्रो. कामेश्वर नाथ सिंह ने भारतीय संस्कृति और बाजार में बाजरा के महत्व पर जोर दिया.मुख्य अतिथि के रूप में हैदराबाद (तेलंगाना) स्तिथ इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ मिल्लेट्स रिसर्च में वैज्ञानिक के रूप में कार्यरत डॉ. जिनु जैकब ने ऑनलाइन माध्यम से जुड़े प्रतिभागियों को विभिन्न बाजरा फसलों से परिचित कराया और उनकी पोषक सामग्री पर भी चर्चा की.

डॉ. जैकब ने अपने व्याख्यान में बाजरा उत्पादों की खपत को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार और भारतीय बाजरा अनुसंधान संस्थान द्वारा की गई पहलों पर भी प्रकाश डाला.इससे पहले परिचयात्मक संबोधन में लाइफ साइंस के विभागाध्यक्ष डॉ. राम प्रताप सिंह ने कहा कि उनका विभाग वर्ष 2023 में अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष 2023 मनाने के लिए और छात्रों, शोधकर्ताओं और नागरिकों के बीच जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए कई अन्य कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है.

वेबिनार का संचालन लाइफ साइंस विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. नवीन कुमार सिंह द्वारा किया गया.डीएसडब्ल्यू प्रो पवन कुमार मिश्रा के साथ-साथ वेबिनार में विभिन्न विभागों के  प्राध्यापक, शोधार्थी और छात्रों सहित देशभर 100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया.लाइफ साइंस विभाग के संकाय सदस्यों डॉ. गौतम कुमार, डॉ. अमृता श्रीवास्तव, डॉ. मनोज पांचाल, डॉ. तारा काशव और डॉ. संजय कुमार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया.

Post a Comment

Previous Post Next Post