गति शक्ति योजना के तहत गायघाट बंदरगाह से एफसीआइ का दो सौ टन चावल लेकर कार्गो रवाना


 पटना: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की गति शक्ति योजना के तहत शनिवार को गायघाट बंदरगाह से एफसीआइ का दो सौ टन चावल लेकर कार्गो शनिवार को रवाना हो गया। यह गंगा के रास्ते कोलकाता के हल्दिया बंदरगाह और वहां से बांग्लादेश होते हुए गुवाहाटी के पांडु बंदरगाह तक पहुंचेगा। इससे पहले भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण के गायघाट टर्मिनल पर आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जलमार्ग मंत्री सर्वानंद सोनोवाल, राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर, केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे, बिहार के उप मुख्‍यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी, सांसद राजीव प्रताप रूडी, पूर्व केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, सूबे के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, मेयर सीता साहू, पूर्व पथ निर्माण मंत्री सह स्थानीय विधायक नन्दकिशोर यादव ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर कार्गो की रवाना किया। मौके पर ही बालू घाट पर बननेवाली टर्मिनल का भी शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में वीडियो कांंफ्रेंसिंग के जरिए केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल और बांग्‍लादेश के जहाजरानी मंत्री खालिद महमूद चौधरी भी शामिल हुए।  कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए केन्द्रीय मंत्री सर्वानन्द सोनोवाल ने कहा कि आज का दिन बिहार के लिए महत्‍वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने गति-शक्ति योजना के तहत बिहार को बड़ा तोहफा दिया है। जलमार्ग से व्‍यापार शुरू होने से व्‍यवसाय के लिए एक नया द्वार खुल गया है। भारत में 123 राष्ट्रीय जलमार्ग हैं। इनमें 23 को विकसित करने का काम जारी है। गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी को जल मार्ग से जोड़े जाने की इस ऐतिहासिक पहल से देश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। इससे उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल का उत्पादन बांग्लादेश, नेपाल से लेकर भूटान तक सामान पहुंचेगा। उन्होंने बिहार के सारण जिला में कालू घाट बंदरगाह का शिलान्यास किए जाने में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी धन्यवाद दिया।

इससे पहले वस्तुस्थिति से अवगत कराते आईंडब्लूएआई के अध्यक्ष संजय बंदोपाध्याय ने कहा कि गायघाट बंदरगाह पर एमवी लाल बहादुर शास्त्री जहाज से जलमार्ग से 2350 किलोमीटर की दूरी 30 दिनों में तय करते हुए यह जहाज़ भागलपुर, साहेबगंज, फरक्का, कोलकाता, बांग्लादेश के जलमार्ग से होते हुए गुवाहाटी पहुंचेगा। फिर यही जहाज असम से कार्गो लेकर हल्दिया लौटेगा। उन्होंने कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर पहली बार हो रहे ट्रायल के दौरान जहाज पर सवार विशेषज्ञ रास्ते में डेटा कलेक्शन भी करेंगे, ताकि जलमार्ग को और सुगम एवं सरल बनाया जा सके।सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रसाद रूढ़ी ने मंत्री से जर्मनी की तर्ज़ पर बाढ़ नियंत्रण उपायों व ग्रीन बेल्ट बनाने की बात रखी।

46 सौ करोड़ से होगा जलमार्ग का विकास :

कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से सम्बोधित करते हुए खाद एवं उपभोक्ता मामलों के मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि गायघाट टर्मिनल से पांडु (गुवाहाटी) तक जहाज पर अनाज की पायलट आवाजाही ‘गेटवे ऑफ नॉर्थ ईस्ट’ के लिए एक नया द्वार खोलेगी। उन्होंने कहा कि यह जल मार्ग गंगा और ब्रह्मपुत्र नदी को जोड़ने के साथ ही भारत और बांग्लादेश के बीच मैत्री संबंध को और अधिक प्रगाढ़ करेगा। उन्होंने कहा कि 4600 करोड़ रुपए की लागत से इस जलमार्ग का विकास होगा। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्था बेहतर होने के साथ ही लघु एवं अति सूक्ष्म उद्योग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही रोजगार के ढेरों अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कहा कि यह 2,350 किलोमीटर की यात्रा एक नई शुरुआत करेगी। ‘गेटवे ऑफ नॉर्थ ईस्ट’ (असम) का द्वार और गंगा और ब्रह्मपुत्र नदियों के माध्यम से पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए निर्बाध जलमार्ग कनेक्टिविटी सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहा कि कालूघाट में 78 करोड़ रुपये के साथ नियोजित इंटरमॉडल टर्मिनल क्षेत्र के निर्माण से सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। रोजगार के कई अवसर भी पैदा होंगे। इससे उत्तर बिहार की सड़कों पर भीड़भाड़ कम करने में मदद मिलेगी और इस क्षेत्र में कार्गो के परिवहन के लिए एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा। उन्होंने आगे कहा कि पटना से यह मार्ग पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए खाद्यान्न और माल की आवाजाही के पारंपरिक तरीके के लिए एक व्यवहारिक विकल्प साबित हो सकता है। यह पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास को गति प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र में निर्बाध नेविगेशन के लिए, बांग्लादेश के साथ भारत-बांग्लादेश प्रोटोकॉल (आईबीपी) मार्ग के 2 हिस्सों का विकास किया जा रहा है। श्रीगोयल ने कहा कि पीएम गतिशक्ति के तहत, जलमार्ग उन सात इंजनों में से एक है जो आर्थिक विकास और सतत विकास के लिए परिवर्तनकारी दृष्टिकोण चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की दृष्टि परिवहन लागत को कम करने और विशेष रूप से किसानों और एमएसएमई के लिए दूरी की बाधाओं को दूर करने के लिए दक्षता हासिल करने के लिए सात इंजनों का उपयोग करना है। उन्होंने कहा कि 2,000 टन तक के जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए NW-1 (गंगा) की क्षमता वृद्धि के लिए 4,600 करोड़ खर्च किए जाएंगे। इस परियोजना में वाराणसी, साहिबगंज और हल्दिया में मल्टी-मॉडल टर्मिनलों का निर्माण व स्थापना, रो-रो टर्मिनल, जेटी, पोत मरम्मत और रखरखाव सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। सागरमाला के तहत वाणिज्यिक केंद्रों को जोड़ने के लिए अस्सी कनेक्टिविटी परियोजनाएं बंदरगाहों के साथ प्रगति पर है। श्री गोयल ने कहा कि 24 राज्यों में 106 नए जलमार्गों को राष्ट्रीय जलमार्ग घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत-बांग्लादेश मित्रता प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और शेख हसीना के नेतृत्व में नई ऊंचाइयों पर पहुंच रही है।

दोनों देशों के रिश्‍ते होंगे और मजबूत :

बांग्लादेश के मंत्री खालिद महमूद चौधरी ने भी वर्चुअल तरीके से सम्बोधित करते हुए कहा कि पटना से हल्दिया होते हुए बांग्लादेश के रास्ते जल मार्ग से गुवाहाटी तक जहाज का परिचालन शुरू होने से दोनों देशों का विकास होगा। इससे भारत और बांग्लादेश के रिश्ते और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि बांग्लादेश के राष्ट्रपति का शेख मुजीबुर रहमान भी जल मार्ग को विकसित करने को लेकर निरंतर प्रयासरत रहे। प्रधानमंत्री शेख हसीना और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल से यह संभव हो सका है। इस मार्ग से बांग्लादेश का सामान भी भूटान, नेपाल, भारत के विभिन्न राज्यों एवं बिहार तक भेजना तथा वहां से मंगवाना आसान होगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय राज्यमंत्री शांतनु ठाकुर, अश्विनी चौबे, पूर्व मंत्री सह सांसद रविशंकर प्रसाद, उपमुख्यमंत्री तारकिशोर प्रसाद व रेणु देवी ने भी विचार रखे। धन्यवाद ज्ञापन आईडब्ल्यूएआई के उपनिदेशक जयंत चौधरी ने किया।