अफगानिस्तान में बच्चों की जान ले रही भुखमरी, तालिबान के राज में गरीबी से मर रहे मासूम

अफगानिस्‍तान (Afghanistan) एक और बड़े खतरे की तरफ बढ़ रहा है। अफगानिस्तान में तालिबान के शासन में बच्चों की दयनीय स्थिति हो गई है। अफगानिस्तान में बच्चे भूखमरी के शिकार हो रहे हैं। यहां बच्चे भुखमरी के कारण मर रहे हैं। तालिबान राज आने के बाद बच्चे भुखमरी से मर रहे हैं। एक आंकलन के मुताबिक, अगर यही हालात बने रहे तो अफगानिस्तान में साल के अंत तक 10 लाख बच्चों को कुपोषण का सामना करना पड़ेगा।

अफगानिस्तान के 17 भुखमरी प्रभावित राज्य़ों में से एक घोर में अस्पताल पहुंचने वाले कम से कम 17 लोगों की मौत पिछल 6 महीने के दौरान हुई है। प्रत्येक बीतते दिन के साथ, देश का मानवीय संकट और अधिक गंभीरता के साथ सामने आ रहा है क्योंकि भोजन और पानी की बुनियादी आवश्यकता के प्रावधान और पहुंच की कमी ने कई लोगों को भुखमरी में डाल दिया है, जिससे कई छोटे बच्चों की मौत हो गई है, जबकि सैकड़ों का इलाज किया गया है।

अफगानिस्तान के कई प्रभावित प्रांतों में से एक घोर में स्थानीय लोगों ने कहा कि अफगानिस्तान में बच्चे भूख से मर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि अगर इस मामले को आपात स्थिति और युद्धस्तर पर नहीं सुलझाया गया तो साल के अंत तक लाखों छोटे बच्चों को गंभीर और जानलेवा कुपोषण का सामना करना पड़ सकता है।

यूनाइटेड नेशंस (UN) ने भी चेतावनी दी है कि देश में जल्‍द ही भूखमरी और गरीबी का राज होगा. साथ ही सामाजिक व्‍यवस्‍था भी चरमरा जाएगी। यूएन की मानें तो देश पूरी तरह से बिखर जाएगा अगर इस देश को अगर वित्‍तीय मदद नहीं मिली तो फिर लाखों अफगान नागरिक गरीबी और भूखमरी में जीने को मजबूर होंगे।

यह चेतावनी यूनाइटेड नेशंस की विशेष दूत डेबराह लियोन्‍स की तरफ से दी गई है। डेबराह ने गुरुवार को दुनिया के देशों से अपील की है कि वो एक साथ आकर देश को बर्बाद होने से बचाएं। उन्‍होंने कहा है कि अफगानिस्‍तान की अर्थव्‍यवस्‍था के मसले को समझना होगा।