बंगाल सरकार ने कोविड संबंधी पाबंदियों को 30 अक्टूबर तक बढ़ाया, दुर्गा पूजा के दौरान 10 से 20 अक्टूबर तक नहीं रहेगा नाइट कर्फ्यू

बंगाल सरकार ने राज्य में लागू कोरोना संबंधी पाबंदियों को गुरुवार को एक बार फिर 30 अक्टूबर तक बढ़ा दिया। हालांकि राज्य सरकार ने बंगाल के सबसे बड़े त्यौहार दुर्गा पूजा के दौरान नाइट कर्फ्यू (रात्रि कालीन प्रतिबंधों) से लोगों को छूट देने की घोषणा की है। राज्य सरकार की ओर से जारी एक अधिसूचना में यह जानकारी दी गई। इसमें कहा गया है कि राज्य में कोविड-19 संबंधी पाबंदियों को 30 अक्टूबर तक बढ़ाया जा रहा है, लेकिन दुर्गा पूजा के दौरान 10 से 20 अक्टूबर के बीच कोई नाइट कर्फ्यू नहीं रहेगा।

इस घोषणा से लोगों को बड़ी राहत मिली है क्योंकि अब वे दुर्गा पूजा के दौरान रात भर पंडालों को देखने जा सकेंगे। अधिसूचना में कहा गया है कि 10 से 20 अक्टूबर की अवधि को छोड़ रात 11 बजे से सुबह 5 बजे नाइट कर्फ्यू पहले की तरह लागू रहेगा। इसके साथ ही राज्य में लोकल ट्रेनों के संचालन पर भी रोक जारी रहेगी।

अधिसूचना में लोकल ट्रेन सेवा फिर से शुरू करने के बारे में कोई जानकारी नहीं दी गई है। राज्य में सात मई से ही लोकल ट्रेनों का संचालन बंद है। बता दें कि राज्य में कोविड-19 के बढ़ते मामलों के मद्देनजर पाबंदियां सबसे पहले 16 मई को लागू की गई थीं, जिन्हें नियमित अंतराल पर बढ़ाया जा रहा है। ये पाबंदियां 30 सितंबर को समाप्त होने वाली थीं, लेकिन सरकार ने इन्हें फिर 30 अक्टूबर तक बढ़ा दिया है।

मास्क पहनने व शारीरिक दूरी के नियमों का पालन अनिवार्य

अधिसूचना के अनुसार, मास्क पहनने, शारीरिक दूरी बनाए रखने और साफ-सफाई रखने के नियमों का हमेशा पालन करना अनिवार्य है। हालांकि सरकार ने आधे कर्मचारियों के साथ निजी और सरकारी कार्यालयों को खोलने की अनुमति पहले ही दे दी है। अधिसूचना के अनुसार, 10 से 20 अक्टूबर की अवधि को छोड़ रात 11 बजे से सुबह पांच बजे तक स्वास्थ्य सेवाओं, कानून-व्यवस्था और आवश्यक सेवाओं के अलावा हर तरह की आवाजाही तथा सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।

अधिसूचना में कहा गया कि जिला प्रशासन, पुलिस आयुक्तालय और स्थानीय अधिकारी मास्क पहनने और शारीरिक दूरी बनाए रखने के राज्य के निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।प्रतिबंध उपायों के किसी भी उल्लंघन के खिलाफ आपदा प्रबंधन अधिनियम, 2005 और भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।