नोएडा के डीएम सुहास एल यतिराज ने टोक्यो पैरालिंपिक में भारत को दिलाया 18वां पदक, रचा इतिहास

Tokyo Paralympics 2020 में गौतमबुद्ध नगर के जिलाधिकारी सुहास एल यतिराज ने कमाल करते हुए इतिहास रचा है। सुहास एल यतिराज ने टोक्यो में जारी पैरालिंपिक खेलों में सिल्वर मेडल अपने नाम किया है। इन खेलों में भारत का ये 18वां पदक है। भारत के पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी सुहास एल यतिराज ने टोक्यो पैरालिंपिक में मेंस सिंगल्स एसएल4 बैडमिंटन प्रतियोगिता में रजत पदक से संतोष किया है।

Tokyo Paralympics के Badminton Men's Singles SL4 फाइनल में सुहास एल यतिराज का सामना फ्रांस के लुकास मजूर से हुआ। फाइनल मुकाबले में सुहास ने पहला राउंड जीत लिया था, लेकिन अगले दो राउंड में उनको हार मिली और वे गोल्ड मेडल से चूक गए। पहला गेम 21-15 से जीतने वाले सुहास एल यतिराज को दूसरे गेम में 17-21 से हार का सामना करना पड़ा, जबकि तीसरे गेम में भी उनको 15-21 से हार मिली।

इस तरह 2-1 से हारकर वे स्वर्ण पदक से चूक गए, लेकिन देश को सिल्वर मेडल दिलाने में अपनी भूमिका अदा की। भारत का इन खेलों में ये 18वां मेडल है। टोक्यो पैरालिंपिक खेलों की बात करें तो ये भारत का 8वां सिल्वर मेडल है। इससे पहले भारत 4 गोल्ड मेडल, सात सिल्वर मेडल और 6 कांस्य पदक अपने नाम कर चुका है। कुछ और पदकों की उम्मीद भारतीय खिलाड़ियों से जारी है, लेकिन अब इन खेलों के समापन में भी ज्यादा समय बाकी नहीं है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सुहास एल यतिराज को बधाई दी है और ट्वीट करते हुए कहा, "सेवा और खेल का एक शानदार संगम! डीएम गौतमबुद्ध नगर सुहास यतिराज ने अपने असाधारण खेल प्रदर्शन से हमारे पूरे देश की कल्पना पर कब्जा कर लिया है। बैडमिंटन में रजत पदक जीतने पर उन्हें बधाई। उन्हें उनके भविष्य के प्रयासों के लिए शुभकामनाएं।"

कर्नाटक से आने वाले सुहास 2007 में उत्तर प्रदेश कैडर से आइएएस बने और मौजूदा समय में नोएडा (गौतमबुद्ध नगर) में जिलाधिकारी के पद पर तैनात हैं। सुहास एल यतिराज पैरा खिलाड़ियों में विश्व के नंबर दो के खिलाड़ी हैं। 38 साल के सुहास ने इससे पहले जकार्ता एशियन पैरा गेम्स में कांस्य पदक अपने नाम किए था। वे प्रयागराज के जिलाधिकारी भी रह चुके हैं। उन्होंने जितना अच्छा प्रदर्शन खिलाड़ी के तौर पर किया है। उससे कहीं ज्यादा अच्छा प्रदर्शन एक डीएम के तौर पर किया है।