यूपी चुनाव में भाजपा को दो च्‍वाइस देने की तैयारी में जदयू, बिहार के CM नीतीश के काम पर मांगेगे वोट

दिल्ली में शनिवार को जदयू की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जाति आधारित जनगणना का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि जाति आधारित जनगणना सभी के हित में है। इस दौरान पार्टी ने फैसला लिया कि उत्‍तर प्रदेश और मणिपुर के विधानसभा चुनावों में उम्‍मीदवार उतारे जाएंगे। यूपी में जदयू, भाजपा के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ना चाहता है। अगर ऐसा संभव नहीं हुआ तो पार्टी राज्‍य की 200 सीटों पर स्‍वतंत्र रूप से चुनाव लड़ सकती है। ऐसा हुआ तो जदयू यूपी में बिहार के सीएम नीतीश कुमार के चेहरे और काम के आधार पर वोट मांगेगी।

जस्टिस रोहिणी कमेटी की रिपोर्ट जारी करने की मांग

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने दोहराया कि जाति आधारित जनगणना कराए जाने के संबंध में वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखेंगे। इस मसले पर राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने एक प्रस्ताव भी पारित किया। यह भी तय हुआ कि जदयू संसदीय दल इस बाबत प्रधानमंत्री को एक ज्ञापन सौंपेगा। इसके लिए प्रधानमंत्री से समय मांगा जाएगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में यह जानकारी दी गयी कि कई राज्यों की विधानसभा जाति आधारित जनगणना कराए जाने के संबंध में पार्टी प्रस्ताव पारित करेगी। अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को आरक्षण का लाभ मिला या नहीं इसकी समीक्षा के लिए जस्टिस जी रोहिणी की अध्यक्षता में काफी पहले कमेटी का गठन हुआ था। इस कमेटी की रिपोर्ट शीघ्र जारी किए जाने की बात कही गयी।

जनसंख्‍या नियंत्रण के लिए लड़कियों को शिक्षित करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने पुन: यह दोहराया कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए कानून प्रभावकारी नहीं हो सकता। इसके लिए लड़कियों का शिक्षित होना जरूरी है। बिहार में इसके असर पर भी उन्होंने बात कही। यह तय हुआ कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए जदयू द्वारा वृहत स्तर पर जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी में मुख्यमंत्री की मौजूदगी में यह तय हुआ कि जदयू उप्र और मणिपुर में विधानसभा चुनाव लड़ेगा। यूपी में जदयू एनडीए के घटक दल के रूप में चुनाव लडऩा चाहता है।

मणिपुर में कई पूर्व विधायक और पूर्व मंत्रियों का मिला साथ

इस संबंध में पार्टी के उप्र प्रभारी केसी त्यागी ने उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ बात की है। पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष आरसीपी सिंह इस बारे में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित सिंह व रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से बात कर चुके हैं। अगर बात नहीं बनती है जदयू दो सौ सीटों पर अपने उम्मीदवार देगा। मणिपुर के संबंध में यह कहा गया कि वहां कई पूर्व विधायक व पूर्व मंत्री जदयू में शामिल हुए हैं। पार्टी वहां अच्‍छी स्थिति में है। इसलिए वहां विधानसभा चुनाव लडऩे का फैसला लिया गया।