नए पथों के निर्माण के साथ-साथ पुराने पथों को भी मेंटेन रखें: मुख्यमंत्री

हिमांशु शेखर, युवा शक्ति न्यूज

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पटना: मुख्यमंत्री  नीतीश कुमार के समक्ष 1 अणे मार्ग स्थित संकल्प में पथ निर्माण विभाग ने प्रस्तुतीकरण दिया। पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव  अमृत लाल मीणा ने प्रस्तुतीकरण में बताया कि राज्य में सड़क आधारभूत ढ़ाँचे के अग्रेत्तर सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से राज्य सरकार के अनुरोध पर भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा चार परियोजनाओं का मार्ग रेखन तैयार कर राज्य सरकार की सहमति के लिए प्राप्त हुआ है। प्रथम- मोकामा-मुुंगेर फोर लेन पथ के अन्तर्गत मोकामा से मनोहरपुर होते हुए लखीसराय के दक्षिण से मुंगेर तक ग्रीन फील्ड नये फोर लेन पथ के एलाइनमेंट की स्वीकृति प्रदान की गई। इसमें सरमेरा से मनोहरपुर तक 20 कि0मी0 लम्बा पथ भी शामिल रहेगा। इस पथ की कुल लम्बाई 92 कि0मी0 होगी। इसके बन जाने से राज्य में बक्सर से पटना होते हुए मोकामा-मुंगेर के माध्यम से भागलपुर-मिर्जा चौकी तक फोर लेन पथ की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी। द्वितीय- बरौनी-मुजफ्फरपुर फोर लेन पथ के अन्तर्गत बरौनी-बछवाड़ा -दलसिंह सराय-मुसरी धरारी के रास्ते मुजफ्फरपुर तक वर्तमान पथ के फोर लेन चौड़ीकरण हेतु सहमति प्रदान की गई। मुजफ्फरपुर शहर में यातायात की सुगमता के उद्देश्य से मुजफ्फरपुर शहर के रिंग रोड के एलाइनमेंट की सहमति प्रदान की गई। मुजफ्फरपुर-बरौनी पथ को मुजफ्फरपुर-हाजीपुर पथ से 5 कि0मी0 लम्बे बाईपास पथ से जोड़ा जाएगा। इसी प्रकार मुजफ्फरपुर-बरौनी पथ को मुजफ्फरपुर-दरभंगा ईस्ट-वेस्ट कोरिडोर से 11 कि0मी0 लम्बे बाईपास पथ से जोड़ा जाएगा। साथ ही मुजफ्फरपुर-बाईपास को ईस्ट-वेस्ट कोरिडोर में 1.6 कि0मी0 लम्बे पथ से जोड़ा जाएगा। मुजफ्फरपुर शहर में प्रवेश करने वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्ग आपस में मुजफ्फरपुर रिंग रोड के माध्यम से जुड़ पाएगा। मुजफ्फरपुर रिंग रोड की कुल लम्बाई लगभग 40 कि0मी0 होगी। इसके बन जाने से मुजफ्फरपुर शहर में जाम की 

समस्या काफी हद तक कम हो जाएगी एवं शहर का सभी दिशाओं में व्यापक फैलाव हो सकेगा। तृतीय- बक्सर-हैदरिया फोर लेन पथ का निर्माण के अन्तर्गत उत्तर प्रदेश में लखनऊ से हैदरिया तक पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से बक्सर की सम्पर्कता सुनिश्चित करने के लिए 17 कि0मी0 पथांश के फोर लेन चौड़ीकरण हेतु मार्ग रेखन प्रस्ताव को देखा गया एवं इस पर सहमति व्यक्त की गई। इसके बन जाने से बिहार राज्य की राजधानी पटना की दिल्ली तक 4/6 लेन के माध्यम से अतिरिक्त सुलभ सम्पर्कता सुनिश्चित हो सकेगी। चतुर्थ- बक्सर-वाराणसी ग्रीन फील्ड फोर लेन पथ के अन्तर्गत पटना से बक्सर के रास्ते वाराणसी तक सुगम आवागमन के प्रयोजन से बक्सर-चौसा-वाराणसी नये फोर लेन पथ के एलाइनमेंट पर सहमति प्रदान की गई। इस एलाइनमेंट का 29 कि0मी0 हिस्सा बिहार राज्य में पड़ता है और 62 कि0मी0 हिस्सा उत्तर प्रदेश में पड़ता है। इसके बन जाने से पटना से वाराणसी तक की दूरी मात्र 225 कि0मी0 रह जाएगी, जो पटना-मोहनियाँ-वाराणसी मार्ग रेखन की तुलना में लगभग 30 कि0मी0 कम होगी। 

पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव  अमृत लाल मीणा ने जानकारी देते हुये बताया कि राज्य सरकार ने राज्य में आवागमन को और त्वरित गति प्रदान करने के उद्देश्य से भारतमाला-2 में नये पथों के निर्माण के प्रस्ताव को शामिल करने हेतु भारत सरकार को अनुशंसा भेजने का निर्णय लिया है। इण्डो-नेपाल बॉर्डर रोड का चौड़ीकरण के अन्तर्गत इण्डो-नेपाल बॉर्डर 552 कि0मी0 लम्बा दो लेन पथ वर्तमान में बनाया जा रहा है, जिसमें लगभग दो-तिहाई धनराशि राज्य सरकार की और एक-तिहाई भारत सरकार द्वारा वहन हो रही है। राज्य सरकार ने इस पथ को फोर लेन चौड़ीकरण करने की अनुशंसा की है। इससे राज्य के सात जिलों यथा-पश्चिम चम्पारण, पूर्वी चम्पारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल, अररिया एवं किशनगंज के बॉर्डर क्षेत्रों के आर्थिक विकास में बहुमूल्य योगदान मिलेगा। पटना-कोलकाता एक्सप्रेस वे के अन्तर्गत राजधानी पटना की कोलकाता से सीधी एवं सुगम सम्पर्कता हासिल करने के उद्देश्य से पटना-कोलकाता एक्सप्रेस वे के निर्माण की अनुशंसा की गई है। यह बिहारशरीफ के दक्षिण होते हुए सिकन्दरा कटोरिया के रास्ते कोलकाता तक जाएगा। बक्सर-अरवल-जहानाबाद-बिहारशरीफ राजमार्ग के अन्तर्गत दक्षिण बिहार के इलाकों की राजधानी दिल्ली से सुगम सम्पर्कता के प्रयोजन से बक्सर-पीरो-अरवल- जहानाबाद-बिहारशरीफ कुल 165 कि0मी0 लम्बे फोर लेन पथ के निर्माण की अनुशंसा की गई है। इसमें बक्सर से अरवल तक का पथांश ग्रीन फील्ड होगा। अरवल से जहानाबाद होते हुए बिहारशरीफ तक वर्तमान एन0एच0-110, फोर लेन चौड़ीकरण का प्रस्ताव है। दलसिंह सराय-सिमरी-बख्तियारपुर फोर लेन पथ के अन्तर्गत पटना से पूर्णियां की यात्रा में कम से कम समय लगे, इसके लिए दलसिंह सराय से सिमरी-बख्तियारपुर तक लगभग 70 कि0मी0 लम्बे नये फोर लेन ग्रीन फील्ड पथ निर्माण की अनुशंसा की गई है। इससे पटना-दलसिंह सराय-सिमरी-बख्तियारपुर-सहरसा-मधेपुरा होते हुए पूर्णियां की दूरी कम हो जाएगी एवं आवागमन में बहुत सहुलियत मिलेगी। दिघवाड़ा-मशरख-पिपरा कोठी-मोतिहारी-रक्सौल फोर लेन पथ के अन्तर्गत पटना रिंग रोड पर अवस्थित दिघवाड़ा से इन्टरनेशरल चेक पोस्ट रक्सौल तक सुगम आवागमन के उद्देश्य से नये पथ के निर्माण की अनुशंसा की गई है। इससे

राष्ट्रीय जलमार्ग की रक्सौल चेक पोस्ट से सुलभ सम्पर्कता हो जाएगी। सुल्तानगंज से देवघर नये फोर लेन पथ के अन्तर्गत सुल्तानगंज से देवघर वर्तमान में अवस्थित राज्य उच्च पथ से लगभग 5 कि0मी0 पूरब अगुआनी घाट नये पुल के सीधे मार्ग रेखन फोर लेन पथ की  अनुशंसा की गई है। इसमें गंडक नदी पर तरैया के पास नये पुल का निर्माण प्रस्तावित होगी। इसके बन जाने से उत्तर बिहार के मध्यवर्ती हिस्सों में आवागमन में व्यापक सहुलियत मिल पायेगी। उन्होंने बताया कि भारत सरकार से सहमति प्राप्त होते ही राज्य सरकार द्वारा तेजी से भू-अर्जन का कार्य प्रारंभ किया जा सकेगा। 

प्रस्तुतीकरण के पश्चात मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क आधारभूत ढ़ाँचे के अग्रेत्तर सुदृढ़ीकरण के उद्देश्य से जो परियोजना तैयार की गयी है, वह बेहतर है। उन्होंने कहा कि नए पथों के निर्माण से लोगों को त्वरित गति से आवागमन में और सहुलियत होगी। दिल्ली, कोलकाता, वाराणसी तक सड़क के माध्यम से भी सफर करने में लोगों को सुविधा के साथ-साथ समय की बचत होगी। उन्होंने कहा कि नए पथों के निर्माण के साथ-साथ पुराने पथों को भी मेंटेन रखें। शहरों में सुलभ संपर्कता को बढ़ाने के लिए काम करें।

बैठक में पथ निर्माण मंत्री  नितिन नवीन, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  दीपक कुमार, मुख्य सचिव  त्रिपुरारी शरण, विकास आयुक्त  आमिर सुबहानी, अपर मुख्य सचिव पथ निर्माण  अमृत लाल मीणा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  चंचल कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव  अनुपम कुमार, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी  गोपाल सिंह एवं पथ निर्माण विभाग के वरीय अभियंतागण उपस्थित थे।