US में विदेशी श्रमिकों का भारी संकट, कोरोना प्रतिबंधों के चलते कई राज्‍यों में नहीं लौट रहे कामगार

कोरोना महामारी के कारण अमेरिका में विदेशी कामगारों की भारी कमी हो गई है। इसका असर यहां के कारोबार पर पड़ा है। इसके चलते मौसमी कारोबार ठप हो गए हैं। कोरोना वायरस के प्रसार के चलते अमेरिका के कई हिस्‍सों में यह दिक्‍कत उत्‍पन्‍न हुई है। खासकर ऊटाह, वायोमिंग, मैरीलैंड, कैलिफोर्निया और कोलोराडो समेत कई राज्यों में विदेशी कामगारों की संख्या घट गई है। कई विदेशी कामगार अमेरिका नही लौटना चाहते।

सख्‍त नियमों के चलते कारोबार के कई सेक्‍टर प्रभावित

अमेरिका में इसका असर न केवल भू निर्माण-विकास क्षेत्र में बल्कि, वायोमिंग में मनोरंजन पार्क, रेस्तरां के कारोबार पर भी बुरा असर पड़ा है। दरअसल, कोरोना के कारण सरकार ने बाहर से आने वाले कामगारों के देश में आने के नियमों को और सख्‍त कर दिए हैं। हालांक‍ि, बाद में नियमों में ढील दी गई, लेकिन विदेशी कामगारों की वापसी में अभी तेजी नहीं आ सकी है।

स्थानीय लोगों की मौसमी कारोबार कम दिलचस्‍पी

दरअसल, अमेरिका में ज्यादातर मौसमी कारोबार में कामकाज अस्थायी प्रकृति का होता है। इसके चलते स्थानीय लोगों की इसमें कम दिलचस्‍पी होती है। स्‍थानीय निवासी स्थायी काम के लिए इच्‍छुक होते हैं। इसकी एक वजह यह भी रही है कि अमेरिका में लंबे समय से मौसमी कारोबार में विदेशी कामगारों की संख्या ज्यादा रही है। अब इनकी जगह कोई नहीं ले पा रहा है। इसके चलते अब इनके नहीं होने से ये कारोबार चलाना कठिन होता जा रहा है।

लॉटरी सिस्टम से एच-2 वीसा की मंजूरी

एच-2 वीसा की मंजूरी लॉटरी सिस्टम से दी जाती है। इसके चलते कई श्रमिक अमेरिका आने से वंचित रह गए। इसके बाद प्रशासन ने एच-2बी वीसा का कोटा बढ़ा दिया है। नियमों में उदारता के बाद लोगों का वीसा मंजूर हो गया है, लेकिन चार महीने हो गए, हमारा एक भी विदेशी कामगार नहीं लौटा। यह उम्मीद की जा रही है कि विदेशी कामगारों की टीम एक अप्रैल तक काम पर लौट आएगी। अप्रैल में मौसमी कारोबार शुरू होता है। स्थानीय कामगारों को आकर्षित करने के लिए वेतन कई गुना बढ़ा दिया गया है। इसके बावजूद कर्मचारी नहीं मिल रहे। मौजूदा कर्मचारी ऑर्डर पूरा करने के लिए हर हफ्ते 60-70 घंटे काम कर रहे हैं।