Bihar Flood: बिहार में बाढ़ की स्थिति गंभीर, चंपारण व समस्‍तीपुर में रेल परिचालन बाधित; कोसी, गंडक व बागमती में उफान

Bihar Flood उत्तर बिहार में रविवार को भी बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी रही जबकि पूर्वी बिहार में कोसी (Koshi River) व अन्य नदियों के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी रहा। वहीं पूर्वी चंपारण जिले में अलग- अलग स्थानों पर बीते 24 घंटे के दौरान बाढ़ के पानी में छह लोग डूब गए, जिनमें पांच की मौत हो गई।

सुगौली, नरकटियागंज व समस्तीपुर में ट्रेनों का परिचालन बाधित

पश्चिम चंपारण में बारिश से नदियों के जलस्तर में फिर वृद्धि होने लगी है। गंडक बराज से शाम तक 1.83 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। पूर्वी चंपारण, दरभंगा, मधुबनी, शिवहर और सीतामढ़ी जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। सुगौली-नरकटियागंज रेलखंड पर करीब एक सप्ताह से परिचालन बाधित है। वहीं समस्तीपुर-मुक्तापुर डाउन लाइन पर दूसरे दिन भी ट्रेनों का परिचालन बाधित रहा।

शिवहर का सीतामढ़ी, चंपारण व मुजफ्फरपुर से सड़क संपर्क भंग

समस्तीपुर के मोरवा प्रखंड की गुनाई बसई पंचायत में नून नदी का बांध टूटने लगा है। दरभंगा के दिल्ली मोड़ बस स्टैंड में भी पानी घुस गया है। शिवहर का सीतामढ़ी, चंपारण और मुजफ्फरपुर से सड़क संपर्क भंग रहा।

मुजफ्फरपुर में गंडक खतरे के निशान से ऊपर, शहर में घुसा पानी

मुजफ्फरपुर जिले में बूढ़ी गंडक व गंडक खतरे के निशान से ऊपर है। शहर के निचले इलाके मिठनसराय, विजयी छपरा, कर्पूरी ग्राम, सिकंदरपुर कुंडल, शेखपुर ढाब व आश्रमघाट में सैकड़ों घर पानी से घिरे हैं। हजारों घरों में बूढ़ी गंडक का पानी प्रवेश कर चुका है। कटरा प्रखंड में बागमती नदी के जलस्तर में डेढ फीट से अधिक की कमी आई है।

खगडि़या में कोसी व गंडक में बढ़ रहा पानी, बागमती अभी स्थिर

उधर, खगडि़या के बलतारा में कोसी का बढ़ना जारी है। जबकि, संतोष स्लूईस के पास बागमती स्थिर है। दोनों नदियां खतरे के निशान से ऊपर हैं। बूढ़ी गंडक भी खगडि़या में बढ़ रही है।

सुपौल में कोसी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी, तटबंध सुरक्षित

इधर, सुपौल के कोसी के जलस्तर में उतार-चढ़ाव जारी है। दो दिन पहले सरायगढ़ भपटियाही प्रखंड क्षेत्र के गांवों में घुसा पानी रविवार की सुबह से घटने लगा है। रविवार की शाम चार बजे कोसी बराज से एक लाख 95 हजार 290 क्यूसेक डिस्चार्ज रिकार्ड किया गया है। बराहक्षेत्र में एक लाख 32 हजार 500 क्यूसेक जलस्राव रिकार्ड किया गया। तटबंध के संवेदनशील बिंदुओं पर अभियंताओं की नजर है। उनके अनुसार तटबंध पूरी तरह सुरक्षित है।