ममतामय बजट: अगले पांच वर्ष में डेढ़ करोड़ नौकरियों का वादा, कई कल्याणकारी योजनाओं का भी ऐलान


हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद लगातार तीसरी बार सत्ता में आई ममता सरकार ने बुधवार को अपना पहला बजट पेश किया। इसमें महंगाई की मार झेल रही जनता को राज्य सरकार ने थोड़ी राहत देते हुए यात्री परिवहन वाहनों पर दिसंबर तक रोड टैक्स माफ करने की घोषणा के साथ रोजगार को लेकर बड़ा वादा किया। बजट में स्टांप शुल्क में भी दो फीसद की छूट की घोषणा की गई।

उद्योग व संसदीय कार्य मंत्री पार्थ चटर्जी ने विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए कुल 3.08 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। पार्थ ने कहा कि पिछले वित्त वर्ष की तुलना में बजट में 20.6 फीसद की वृद्धि की गई है जबकि राजस्व घाटा 3.86 फीसद रहा है।बजट पेश करते हुए उन्होंने अगले पांच सालों में डेढ़ करोड़ नौकरियों का वादा किया। सात करोड़ रुपये के घाटे का बजट पेश करते हुए उन्होंने राज्य सरकार की फ्लैगशिप योजनाओं के लिए बजट आवंटन बढ़ाने की भी घोषणा की।

पार्थ ने कहा कि राज्य सरकार ने एक जुलाई से 31 दिसंबर 2021 तक के लिए यात्री मोटर वाहन कर की एकमुश्त छूट का विस्तार करने का निर्णय लिया है। उन्होंने प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के लिए स्टांप शुल्क में दो फीसद की कमी का प्रस्ताव रखा जबकि सर्कल दर में भी 10 फीसद की कमी की गई है। 30 अक्टूबर तक रजिस्ट्री कराने पर इसका लाभ मिलेगा।बजट में विभिन्न विभागों व योजनाओं का आवंटन भी बढ़ाया गया है।वित्त मंत्री अमित मित्रा के अस्वस्थ होने के कारण उद्योग मंत्री ने बजट पेश किया। बजट भाषण के दौरान पार्थ ने देश में ईंधन की कीमतों में हो रही लगातार वृद्धि को लेकर केंद्र की भी आलोचना की। पार्थ ने कहा कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य कर्मियों की मदद से कोविड पर काबू पाया है। राज्य में अबतक 2.3 करोड़ टीके लगाए गए हैं।

लक्ष्मी भंडार योजना भी जल्द शुरू करेंगी ममता सरकार

इधर, विधानसभा में बजट पेश होने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राज्य सरकार बहुत जल्द लक्ष्मी भंडार योजना भी शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं को प्रति महीने 500 रुपये जबकि अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़े वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये मिलेंगे। ममता ने अपने चुनावी घोषणा पत्र में इसका वादा किया था। ममता ने बजट की सराहना करते हुए कहा कि पूरे देश में राजस्व घाटा 9.3 फीसद है जबकि इतने संकटों के बावजूद बंगाल में यह महज 3.8 फीसद है। ममता ने कहा कि इस साल के बजट में 20.6 फीसद की वृद्धि की गई है।