बदले ममता के सुर, बंगाल के किसानों को मिल सकता है PM सम्मान निधि का लाभ


पश्चिम बंगाल सरकार जल्द ही नए कृषि कानूनों के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर सकती है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा कि हम जल्द ही एक दिन का विधानसभा सत्र बुलाएंगे और केंद्र के विवादित कानून के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेंगे. इस दौरान ममता ने संकेत दिए कि बंगाल में पीएम-किसान सम्मान निधि योजना को भी लागू किया जा सकता है. 

सीएम ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार से पीएम-किसान योजना के पोर्टल पर रजिस्टर्ड प्रदेश के लोगों की लिस्ट मांगी है. उन्होंने कहा कि अगर किसानों का इससे लाभ हुआ है तो हम पश्चिम बंगाल में इस योजना को लागू करने के लिए तैयार हैं. हालांकि, ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने तीनों कृषि कानूनों को लागू करने की अनुमति नहीं दी है.

आपको बता दें कि देशभर में इन तीनों कृषि कानून का विरोध हो रहा है. पंजाब, हरियाणा समेत कई प्रदेशों के किसान पिछले 40 दिन से दिल्ली बॉर्डर पर डटे हुए हैं. किसानों की मांगों का समर्थन करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हम उन कृषि कानूनों के खिलाफ हैं. हम जल्द ही विधानसभा का सत्र बुलाएंगे.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि मैं किसानों का समर्थन करती हूं और इन तीनों कृषि कानूनों की वापसी चाहती हूं. पश्चिम बंगाल से पहले केरल, दिल्ली, पंजाब, छत्तीसगढ़ और राजस्थान विधानसभा में तीनों कृषि कानूनों के खिलाफ प्रस्ताव पारित हो चुका है. 

पीएम-किसान योजना पर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मैंने बार-बार केंद्र से राज्य सरकार को आवंटित फंड ट्रांसफर करने के लिए कहा था. वे (केंद्र सरकार के अधिकारी) दावा किया कि बंगाल के लगभग 21.7 लाख किसानों ने एक पोर्टल पर खुद को पंजीकृत किया है. उन्होंने (केंद्र) इस डेटा के सत्यापन की मांग की है.

आगे सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि हमने यह महसूस किया कि किसानों को नुकसान नहीं उठाना चाहिए, इस वजह से मैंने केंद्र से डेटा मांगा है, ताकि हम सत्यापन प्रक्रिया शुरू कर सकें. आपको बता दें कि पीएम-किसान योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को हर साल 6 हजार रुपये दिए जाते हैं. यह 6 हजार रुपये साल भर में तीन किस्त के जरिए ट्रांसफर होते हैं.

सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि मैं चाहती हूं कि किसानों को सभी लाभ मिलें, हमारे पास अपनी योजनाएं हैं, लेकिन अगर उन्हें अतिरिक्त लाभ मिलता है, उन्हें लाभ उठाने दें. अगर उन्हें लाभ मिले तो मुझे कोई समस्या नहीं है, हालांकि, अगर केंद्र हम पर भरोसा नहीं करता है तो यह उन पर निर्भर है.

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय ने ममता बनर्जी के फैसले का स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि यह अच्छा है कि राज्य सरकार ने फैसला किया, इससे बंगाल के लाखों किसानों को फायदा होगा और किसानों को एहसास होगा कि टीएमसी किस तरह की राजनीति कर रही थी और उन्हें इसके लाभों से वंचित रखा था.


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