फ्यूचर रिटेल को 692 करोड़ का बड़ा घाटा, रिलायंस ने किया है अधिग्रहण


कोविड-19 महामारी की वजह से पैदा हुई अड़चनों के कारण फ्यूचर रिटेल लिमिटेड को भारी घाटा हुआ है. चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में 692.36 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. आपको बता दें कि फ्यूचर रिटेल के कारोबार को रिलायंस इंडस्ट्रीज की रिटेल वेंचर्स ने अधिग्रहित किया है.  

कितना हुआ फ्यूचर रिटेल को घाटा 

बीएसई को भेजी सूचना में फ्यूचर रिटेल लिमिटेड ने बताया कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 692.36 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है. इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 165.08 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था. इस तिमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 73.86 प्रतिशत घटकर 1,424.21 करोड़ रुपये रही, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में 5,449.06 करोड़ रुपये रही थी.

फ्यूचर रिटेल ने कहा कि कोविड-19 महामारी की वजह से दूसरी तिमाही में उसके कारोबारी परिचालन और वित्तीय नतीजों पर काफी असर पड़ा है. फ्यूचर रिटेल बिग बाजार, एफबीबी, फूडहॉल, ईजीडे और नीलगिरि जैसे खुदरा स्टोरों का कारोबार करती है. 

कंपनी का खर्च 2,182 करोड़ रुपये रह गया 

सितंबर तिमाही के दौरान कंपनी का खर्च घटकर 2,181.85 करोड़ रुपये रह गया, जो इससे वित्त वर्ष की समान तिमाही के 5,304.80 करोड़ रुपये के आंकड़े से 58.87 प्रतिशत कम है. चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल-सितंबर) में कंपनी को 1,254.31 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ है.

इससे पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने 324.32 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था. छमाही के दौरान कंपनी की परिचालन आय 73.86 प्रतिशत घटकर 2,782.22 करोड़ रुपये रह गई, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान छमाही में 10,646.17 करोड़ रुपये थी. बीएसई में शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.07 प्रतिशत के नुकसान से 68 रुपये पर बंद हुआ. 

रिलायंस से 24, 713 करोड़ की डील 

अगस्‍त महीने में रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी कंपनी रिलायंस रिटेल वेंचर्स लिमिटेड (RRVL) ने फ्यूचर समूह के साथ डील की जानकारी दी थी. इसके तहत कंपनी फ्यूचर समूह के रिटेल एंड होलसेल बिजनेस और लॉजिस्टिक्स एंड वेयरहाउसिंग बिजनेस का अधिग्रहण करने जा रही है. इससे रिलायंस फ्यूचर ग्रुप के बिग बाजार, ईजीडे और FBB के 1,800 से अधिक स्टोर्स तक पहुंच बनाएगी, जो देश के 420 शहरों में फैले हुए हैं. यह डील 24713 करोड़ में फाइनल हुई है. हालांकि, डील पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. दरअसल, अमेरिका की ई-कॉमर्स कंपनी एमेजॉन ने इस डील पर आपत्ति जताई है. 


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