सरकारी दफ्तरों में डायरी-कैलेंडर की छपाई पर बैन, सब कुछ मिलेगा डिजिटल


डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए केंद्र सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. वित्त मंत्रालय ने तमाम मंत्रालयों और विभागों में छपने वाले सरकारी डायरी, कैलेंडर समेत सभी तरह के ग्रीटिंग्स पर रोक लगाते हुए इसे डिजिटल माध्यम से उपलब्ध कराने का फैसला किया है.

दरअसल डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देने के मकसद से सरकार ने यह फैसला लिया है. सरकार का मानना है कि अब टेक्नोलॉजी के इस दौर में हर कोई डिजिटल को अपना रहा है, जिस वजह से तमाम मंत्रालयों में सरकारी विभागों में डायरी, ग्रीटिंग कार्ड, कॉफी टेबल बुक, कैलेंडर को भौतिक रूप से छापने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. कॉफी टेबल बुक्स पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है, इसकी जगह अब ई-बुक्स का इस्तेमाल होगा.

वित्त मंत्रालय का बड़ा फैसला

इसको लेकर वित्त मंत्रालय की ओर से 2 सितंबर को दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिसमें कहा गया है कि ऐसी सभी वस्तुओं को अब केवल डिजिटल रूप में जारी किया जाएगा. यानी पाठकों को डिजिटल फॉर्मेट पर अब ये कंटेंट उपलब्ध होंगे. सरकार का मानना है कि इससे प्रिंटिंग पर होने वाले खर्च की बचत होगी. और डिजिटल माध्यम से इसे बेहतर तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाएगा. 

गौरतलब है कि अभी भी बड़े पैमाने पर सरकारी काम-काज में खाता-बही का इस्तेमाल होता है. अब सरकार के इसे फैसले से जहां डिजिटल का इस्तेमाल बढ़ेगा, साथ ही काम आसान होगा. देश में बैंकिंग सेक्टर से डिजिटल लेन-देन को बड़ी तेजी से अपनाया है.

वित्त मंत्रालय के इस फैसले के बाद अब आने वाले दिनों में तमाम मंत्रालयों और सरकारी दफ्तरों की दीवारों पर लगने वाली कैलेंडर, डेस्कटॉप कैलेंडर और डायरी की प्रिंटिंग नहीं होगी. यह दिशा-निर्देश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे.

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