ममता ने चाय बागानों के श्रमिकों के लिए आवास कार्यक्रम की घोषणा की


पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 2021 के राज्य विधानसभा चुनाव से पहले लोगों के लिए कई कदमों की घोषणा की और कहा कि उनकी सरकार 'चाय सुंदरी' योजना के तहत जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में सात बीमार चाय बागानों में कम से कम 3,694 श्रमिकों के लिए पक्के घर बनाएगी। बनर्जी ने एक अन्य घोषणा में कहा कि उनकी सरकार पश्चिम बंगाल में सभी शरणार्थी कॉलोनियों को नियमित करेगी। इनमें राज्य और केंद्र सरकार की भूमि पर बनी कॉलोनियां शामिल हैं। उन्होंने चाय उत्पादक जिलों अलीपुरद्वार और जलपाईगुड़ी के अधिकारियों के साथ प्रशासनिक समीक्षा बैठक में कहा कि अब सभी सरकारी कार्यालयों में यहां तक कि जाति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए भी, स्वप्रमाणन स्वीकार किया जाएगा। चाय बागानों के श्रमिकों के लिए दो महीने के भीतर घर बनाने का काम शुरू हो जाएगा और इससे सरकार पर 500 करोड़ रुपये का भार आएगा। उन्होंने कहा कि 'चाय सुंदरी' नामक इस परियोजना को तीन साल में पूरा किया जाएगा। ममता ने कहा कि हमने चाय बागानों के ऐसे श्रमिकों के लिए घर बनाने की खातिर चाय सुंदरी योजना बनाई है, जिनके पास घर नहीं है। हमने उनकी मदद करने की पूरी कोशिश की है लेकिन चाय बागान के कर्मी अब भी उपेक्षित हैं। ममता ने पुलिस को फर्जी समाचारों से निपटने के लिए मजबूत सामाजिक नेटवर्क बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि राजबंशी और आदिवासी जैसे स्थानीय लोग बहुत साधारण लोग हैं। यदि कोई छोटी लड़ाई होती है तो ऐसे लोग हैं जो इसका फायदा उठाते हैं और गड़बड़ी पैदा करते हैं। ममता ने आरोप लगाया कि मालदा में एक मंदिर गिराए जाने की फर्जी खबर फैलाने के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाया गया था। हालांकि ऐसी कोई घटना नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि हमें सोशल नेटवर्किंग प्लेटफॉर्म पर अपनी निगरानी बढ़ानी होगी। हम इस तरह के प्रयासों का मुकाबला करने के लिए हर ब्लॉक में दो पुलिसकर्मियों को तैनात करने की योजना बना रहे हैं।


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