Ayodhya Ram Mandir Model: भूमि पूजन से पहले सामने आई नए मॉडल की नई तस्वीरें, ऐसा दिखेगा राम मंदिर


Ayodhya Ram Mandir Model राम की नगरी अयोध्या में इतिहास रचे जाने में अब कुछ घंटों का ही समय बचा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज राम मंदिर का भूमि पूजन करेंगे। 1989 में प्रस्तावित मंदिर के मॉडल में बदलाव कर इसे और भव्य बना दिया गया है। पहले मंदिर के मुख्य शिखर की ऊंचाई 128 फीट थी। अब यह 161 फीट होगी। तीन की जगह पांचों गुंबदों के नीचे के हिस्से में चार हिस्से होंगे और एक मुख्य शिखर होगा। इस दौरान कई विशिष्ट लोग इसके साक्षी बनेंगे।


पहले मॉडल में दो गुंबद और शिखर बने थे। अब इसमें गुंबदों की संख्या पांच कर दी गई है। शिखर की ऊंचाई 161 फीट की गई है। मंदिर के आधार को भी बढ़ा दिया गया है। इसमें हजार से ज्यादा श्रद्धालुओं को बैठने की जगह मिलेगी। राम मंदिर का निर्माण जिस दिन से शुरू होगा, उस दिन से करीब तीन या साढ़े तीन साल का वक्त लगेगा। इसके अलावा मंदिर निर्माण के लिए समाज से धन संग्रह किया जाएगा।

राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया कि प्रस्तावित राम मंदिर मॉडल 128 फीट ऊंचा है, जिसे बढ़ाकर 161 फीट ऊंचा करने का फैसला लिया गया है। इसके अलावा गर्भगृह के आसपास अब 5 गुंबद बनाए जाएंगे, जबकि पहले तीन गुंबद बनने थे। राम मंदिर ट्रस्ट के सदस्य कामेश्वर चौपाल ने बताया था कि राम मंदिर प्रारूप के भू-तल वाले हिस्सों के पत्थरों की तराशी पूरी हो चुकी है।


राम मंदिर के भू-तल में सिंहद्वार, गर्भगृह, नृत्यद्वार, रंगमंडप बनेगा। इसके अलावा मंदिर में 212 खंभे होंगे। जिसमें से पहली मंजिल में 106 खंभे और दूसरी मंजिल में 106 खंभे बनाए जाएंगे। प्रत्येक खंभे में 16 मूर्तियां होंगी और मंदिर में दो चबूतरे भी होंगे।

प्रधानमंत्री बुधवार को रामनगरी में दो घंटे 50 मिनट तक प्रवास करेंगे। उनका हेलीकॉप्टर पूर्वाह्न् 11:30 बजे ही राम जन्मभूमि परिसर से बमुश्किल पांच सौ मीटर दूर साकेत महाविद्यालय परिसर में बने हेलीपैड पर उतरेगा, पर प्रधानमंत्री पहले से ही तय 12:15 बजे पवित्र अभिजित मुहूर्त में आधारशिला रखेंगे। इसमें नौ ईंटों का प्रयोग किया जाएगा, जो चार दिशाओं, चार कोणों और स्थान देवता की परिचायक होंगी। इससे पूर्व करीब 10 मिनट तक प्रधानमंत्री रामजन्मभूमि, स्थान-वास्तु सहित आधारशिला में प्रयुक्त होने वाली ईंटों का पूजन करेंगे।

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