चीन से तनाव के बीच उत्तराखंड सरकार की अपील- वायुसेना जल्द बनाए 3 स्पेशल लैंडिंग ग्राउंड


भारत और चीन के बीच बॉर्डर पर हालात अभी तक ठीक नहीं हुए हैं. वादे के मुताबिक चीन को अपनी सेनाएं पीछे हटानी थी लेकिन उसने अभी तक ऐसा नहीं किया है. इस बीच भारत पूरी तरह से सतर्क है, उत्तराखंड सरकार ने अब प्रस्ताव रखा है कि वायुसेना को राज्य में कम से कम तीन लैंडिंग ग्राउंड बनाने चाहिए. ताकि मुश्किल वक्त में बॉर्डर तक सामान पहुंचाने में कोई दिक्कत ना आए.

उत्तराखंड सरकार की ओर से कहा गया है कि भारतीय वायुसेना को चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ इलाके में तीन आधुनिक हवाई पट्टी बनानी चाहिए. इस बारे में पिछले साल ही वायुसेना की ओर से अप्रोच किया गया था.

अब राज्य के मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस बारे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को चिट्ठी लिखी है. उत्तरकाशी में जो हवाई पट्टी है, वहां पर पिछले कुछ हफ्ते में काफी गतिविधि हुई है और इसे लगभग ऑपरेशनल बना दिया गया है. ऐसे में ये राज्य और बॉर्डर के हिसाब से काफी अहम है.

आपको बता दें कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए वायुसेना ने अरुणाचल प्रदेश में 8 नए लैंडिंग स्पॉट एक्टिवेट कर लिए हैं. ताकि बॉर्डर से सटे इलाकों में सामान और सैनिक आसानी से पहुंच पाए. दूसरी ओर लद्दाख इलाके में भी लगातार काम जारी है, जिसमें दौलत बेग ओल्डी सबसे अहम है.

यही वो हवाई पट्टी है जिसने चीन की नाक में दम किया हुआ है. आपको बता दें कि भारत और चीन के बीच जारी विवाद को खत्म करने के लिए दोनों सेनाओं के बीच कई दौर की बात हुई. इसमें सैनिकों को पीछे हटाने पर सहमति भी बनी, लेकिन ताजा अपडेट बताता है कि चीन ने कुछ ही क्षेत्रों में इसका पालन किया है और बड़ी संख्या में अभी भी सैनिक तैनात किए हुए है.

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