ममता ने कहा- बंगाल सरकार ने कोरोना रोगियों के लिए 104 'सेफ होम' स्थापित किए, अब तक 12 लाख प्रवासी वापस आए





बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी सरकार ने हल्के लक्षण वाले कोरोना रोगियों के लिए 104 सेफ होम (सुरक्षित घर) स्थापित किए हैं। उन्होंने कहा कि ये सुरक्षित घर एक नई अवधारणा है और यह क्वारंटाइन सेंटरों से अलग हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कोरोना से संक्रमित उन रोगियों के लिए है जिनमें हल्के लक्षण या कम बुखार देखा जा रहा है। ऐसे रोगियों को अस्पतालों में भेजने की बजाय इन्हीं सेफ हाउसों में रखा जाएगा। इससे अस्पतालों पर लोड कम होगा। साथ ही गंभीर कोरोना रोगियों के लिए अस्पताल में बेड को बचाने में मदद मिलेगी।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान लोगों से अपील की कि कृपया अपने लक्षणों को न छिपाएं। वायरस से संक्रमित होना कोई अपराध नहीं है। ये सुरक्षित घर पूरे राज्य में स्थापित किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे सुरक्षित घरों की संख्या में और वृद्धि होगी। जरूरत पड़ने पर मैं अपना घर भी इसके लिए देने को तैयार हूं। ममता ने यह भी कहा कि अब तक 12 लाख प्रवासी मजदूर व अन्य लोग वापस आ चुके हैं। 3-4 और स्पेशल ट्रेनों का आना अभी बाकी है। ममता ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग हॉटस्पॉट वाले क्षेत्रों से लौटे हैं इसलिए राज्य में कोरोना के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। हालांकि उन्होंने कहा कि मामलों में वृद्धि बड़ी चिंता नहीं है। हम इससे लड़ेंगे।

उन्होंने कहा कि बंगाल में रिकवरी दर बढ़कर 53.11 फीसद हो गया है और यहां लोग इससे ठीक हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह एक बड़ा सकारात्मक पहलू है कि राज्य में सक्रिय मामलों की तुलना में ठीक होने वाले रोगियों की संख्या बढ़ी है।

मुख्यमंत्री इस दिन डॉक्टरों के संघों और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक के बाद बोल रही थी। उन्होंने जूनियर डॉक्टरों के लिए घोषणा की कि कोविड-19 योद्धा जो पोस्ट ग्रेजुएशन कर रहे हैं उन्हें प्रत्येक वर्ष उनके अंको में 10 फीसद का प्रोत्साहन मिलेगा। वहीं, इंटर्न छात्रों को लेकर उन्होंने कहा कि वे रोटेशन के आधार पर काम करेंगे ताकि उनके शैक्षणिक करियर को नुकसान ना हो। उन्हें कोविड योद्धा प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर एक घंटे में वास्तविक समय के आधार पर सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में बेड की उपलब्धता के बारे में जानकारी प्रदान करने के लिए काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने इस दौरान निजी अस्पतालों से अपील की है कि वे कोविड-19 से संबंधित मरीजों को प्रवेश देने से मना न करें और अगर मरीजों को इलाज से वंचित किया जाता है तो इसे 'शर्मनाक और दुर्भाग्यपूर्ण' कहा जाएगा। 

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