नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की बैठक में छाया रहा भारत से सीमा विवाद का मुद्दा


नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी की स्थायी समिति की शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक हुई. इसमें भारत के साथ सीमा विवाद का मुद्दा छाया रहा. सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान 50 करोड़ डॉलर की प्रस्तावित अमेरिकी अनुदान सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई.

NCP की 48 सदस्यीय स्थायी समिति की बैठक दौरान अधिकतर सदस्यों ने नेपाल-भारत सीमा विवाद पर चर्चा की. साथ ही नया मानचित्र तैयार करने के सरकार द्वारा उठाए गए कदम को नेपाल की राष्ट्रीय एकता एवं संप्रभुता को मजबूती देने वाला बताया. हालांकि, उन्होंने सीमा विवाद पर भारत के साथ बातचीत करने में सरकार की अक्षमता पर सवाल भी उठाए.

विदेश मंत्री प्रदीप कुमार ग्यावली ने कहा कि सरकार ने सीमा मुद्दे पर भारत के साथ बातचीत करने की बहुत कोशिश की, लेकिन भारत ने वार्ता को लेकर दिलचस्पी नहीं दिखाई. ग्यावली ने बैठक के दौरान कहा, 'नेपाल चाहता है कि कूटनीतिक स्तर पर सीमा विवाद हल हो और वार्ता के जरिए समाधान ढूंढने की कोशिश की जाएगी.

NCP नेता गणेश शाह के मुताबिक, मंगलवार को एक बार फिर स्थायी समिति की बैठक होगी, जिसमें सीमा विवाद के अलावा नागरिकता विधेयक, कोरोना महामारी की रोकथाम और अमेरिका से मिलने वाली 50 करोड़ डॉलर के अनुदान जैसे मुद्दों पर चर्चा की जाएगी.

प्रचंड-ओली में बढ़ गए हैं मतभेद!

प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने शनिवार को कुछ ही देर के लिए बैठक में हिस्सा लिया. ओली के करीबियों ने बताया कि वह व्यस्त कार्यक्रम और स्वास्थ्य कारण से पहली दो बैठकों में शामिल नहीं हो पाए थे. वहीं, एनसीपी के एक नेता ने कहा पार्टी के कार्यकारी चेयरमैन पुष्प कुमार दहल उर्फ प्रचंड और प्रधानमंत्री ओली के बीच मतभेद काफी बढ़ गए हैं

प्रचंड ने पहले भी और एक बार फिर कहा है कि सरकार और पार्टी के बीच समन्वय का अभाव है और वह NCP द्वारा 'एक व्यक्ति-एक पद की नीति' का पालन करने पर जोर दे रहे हैं. वहीं, कोरोना की स्थिति की निगरानी के लिए एक सर्वदलीय समिति गठित करने के प्रचंड की सलाह को ओली नजरअंदाज कर रहे हैं.

भारत विरोधी एजेंडा चला रहा है नेपाल

बता दें, चीन के साथ सरहद पर जहां तनाव है वहीं तनाव का एक मोर्चा नेपाल बॉर्डर पर भी खुल गया है. बीते कुछ दिनों से नेपाल लगातार भारत विरोधी एजेंडा चला रहा है. पहले उसने अपने नक्शे में बदलाव किया फिर नागरिकता संशोधन बिल लाया और पूर्वी चंपारण पर भारत-नेपाल सीमा पर बने बांध की मरम्मत में रोड़े अटकाने पर तुला हुआ है.

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