चीनी हैकर कर न दे बिजली गुल! चीन से आयातित बिजली उपकरणों की होगी सख्त जांच


देश के बिजली आपूर्ति सिस्टम में चीनी हैकर्स के साइबर अटैक की किसी भी तरह की आशंका के प्रति बिजली मंत्रालय सचेत हो गया है. मंत्रालय ने कहा है कि अब चीन से आने वाले सभी बिजली के सभी पावर इक्विपमेंट्स (उपकरण और अन्य सामान) की सख्त जांच की जाएगी.

क्या है खतरा

बिजली मंत्री आरके सिंह ने बताया कि जांच में खासकर यह देखा जाएगा कि कहीं इनमें कोई ऐसा मालवेयर या ट्रोजन हार्सेज (कंप्यूटर सिस्टम में सेंध लगाने वाले प्रोगाम) तो नहीं है जिससे भारत में बिजली के ग्रिड को हैक कर उसे फेल किया जा सके. ऐसा हुआ तो चीन आसानी से भारत की समूची आर्थिक गतिविधियों को ठप कर सकता है.

गौरतलब है कि भारत-चीन सीमा पर तनाव को देखते हुए देश में चीन से आयात पर अंकुश की मांग की जाने लगी है. ऐसे में यह बात महत्वपूर्ण है कि देश के बिजली आपूर्ति तंत्र में बड़ी मात्रा में चीन से आने वाले इक्विपमेंट का इस्तेमाल किया जाता है. यही नहीं, सौर ऊर्जा में तो ज्यादातर सोलर पैनल चीन से आयात किए जाते हैं. अब इन चीजों को लेकर सरकार सचेत हो गई है.

क्या कहा बिजली मंत्री ने?

आरके सिंह ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने यह प्रस्ताव किया है कि चीन से आने वाले सोलर पावर इक्विपमेंट पर 1 अगस्त से भारी कस्टम ड्यूटी लगाई जाए, ताकि इस मामले में भारत आत्मनिर्भर बन सके.

उन्होंने कहा, 'बिजली काफी संवदेनशील और रणनीतिक सेक्टर है. इससे सभी उद्योग, संचार तंत्र और सामरिक सहित सभी तरह के डेटा बेस का संचालन होता है. तो ऐसे में देश विरोधी किसी भी तरह के किसी देश के छेड़छाड़ से हमें अपनी सुरक्षा करनी होगी.

बिजली मंत्री ने कहा, 'हमें ऐसी खबरें मिली हैं कि इन इक्विपमेंट में मालवेयर और ट्रोजन हॉर्स डाले जा सकते हैं जिनको दूर कहीं से एक्टिवेट कर देश के बिजली सेक्टर और इकोनॉमी को जमीन पर लाया जा सकता है.'

उन्होंने कहा कि अगर कोई बिजली उपकरण आयात करना जरूरी है तो उसकी सख्ती से जांच होगी कि उसमें कोई मालवेयर या ट्रोजन हॉर्स तो नहीं है.

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