कोरोना : बंगाल ने भारत-बांग्लादेश व्यापार के लिए गेदे-दर्शन रेल मार्ग का इस्तेमाल करने का सुझाव दिया


कोलकाता : भारत और बांग्लादेश के बीच पेट्रापोल भूमि बंदरगाह के माध्यम से हाल ही में फिर शुरू हुए द्विपक्षीय व्यापार को बंद किए जाने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने केंद्र को माल आवाजाही के लिए गेदे-दर्शन रेल मार्ग का उपयोग करने का सुझाव दिया है। कोविड-19 के फैलने के खतरे को लेकर स्थानीय लोगों के विरोध के बाद सरकार को इस बंदरगाह को बंद करना पड़ा था। एक अधिकारी ने रविवार को यह जानकारी दी। यह प्रस्ताव तब आया है, जब पिछले सप्ताह केंद्र ने विरोध प्रदर्शन के बाद उत्तरी 24 परगना जिले में पेट्रापोल के माध्यम से माल की आवाजाही रोकने पर पश्चिम बंगाल सरकार की आलोचना की थी। राज्य के गृह सचिव अलपन बंदोपाध्याय ने कहा, ‘‘इस मुद्दे (सीमा पार व्यापार) पर केंद्र और राज्य के बीच संवाद हुआ है। 

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए केंद्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट स्थानों के माध्यम से वायरस के फैलने की आशंका और कुछ स्थानीय मुद्दे हैं। उन्होंने कहा, ‘‘केंद्र के लिए हमारा एक प्रस्ताव गेदे-दर्शन रेल मार्ग के माध्यम से माल की आवाजाही शुरू करना है। यह तुलनात्मक रूप से सुरक्षित और सभी के लिए स्वीकार्य है।’’ लॉकडाउन से पहले, कोलकाता-ढाका-कोलकाता मैत्री एक्सप्रेस गेदे-दर्शन मार्ग के रास्ते चलती थी। गेदे पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में है जबकि दर्शन बांग्लादेश के चौडंगा जिले में है।


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