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डीआरआइ की धमक से कोलकाता में हुई नोटों की बारिश, रुपये बटोरने के लिए मच गई अफरा तफरी


महानगर के व्यस्त इलाके में अचानक एक बहुमंजिली इमारत से हुई नोटों की बारिश ने लोगों को हैरत में डाल दिया. 2 हजार और पांच से नोट को बटोरने के लिए होड़ लगी रही. घटना को लेकर काफी देर तक सकते में रहे लोगों को बाद में पता चला कि दरअसल डीआरआइ की कार्रवाई से बचने के लिए इमारत में बने एक ऑफिस से नोटों को फेंका गया था. लोगों को बटोरे गए करीब 3.74 लाख रुपये पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिए. 

सूत्रों के अनुसार कोलकाता के बड़ाबाजार के वेंटिकन स्ट्रीट में दोपहर के समय सड़क किनारे से गुजरने वाले लोगों के शरीर पर अचानक ऊपर से रुपये गिरने लगे. पहले तो लोग चकित थे और विश्वास नहीं हो रहा था लेकिन बंडल के बंडल जब रुपये गिरने लगे तो आसपास के दुकानदार और गुजरने वाले लोग लूटने में लग गए थे. 2000, 500 और 100 रुपये के लाखों नोट ऊपर से बरसते रहे और लोग लूटते रहे. कईयों ने तो अपनी जेब भर ली और और वहां से चलते बने.


सूत्रों के अनुसार बुधवार दोपहर करीब ढाई बजे राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआइ) की टीम ने महानगर के वेंटिक स्ट्रीट स्थित एमके प्वाइंट बिल्डिंग में छापेमारी की. इसकी भनक लगते ही इमारत की छठी व सातवीं मंजिल पर रूम नंबर 601 व 701 में एक कार्यालय की खिड़की से 2 हजार और पांच सौ के करीब 3 लाख 74 हजार रुपये फेंक दिए गए. एकाएक आसमान से नोटों की बारिश होता देख नीचे खड़े सुरक्षा गार्ड और अन्य लोगों में अफरा तफरी मच गई। नोटों को बटोरने के लिए लोगों में होड़ लगी रही.

नोट उड़ने की घटना आग की तरह फैली इमारत के आगे भीड़ जुट गई। पहले तो किसी को समझ में नहीं आया कि माजरा क्या है लेकिन जब रुपये की बारिश होने की जानकारी मिली तो आसपास से लोगों का मजमा उस इमारत के नीचे लग गया था. छठी मंजिल से रुपये गिर रहे थे। भारी भीड़ और रुपये गिरने की सूचना मिलने के बाद बड़ी संख्या में पुलिस की टीम भी मौके पर पहुंच गई. तब पता चला कि उस इमारत में कई निजी कंपनियों का दफ्तर है जहां दोपहर के समय आयकर विभाग की टीम ने छापेमारी की थी. पकड़े जाने के डर से बिल्डिंग की छठी मंजिल पर मौजूद शौचालय की खिड़की से लोग रुपये फेंक रहे थे.

सूचना पर पहुंची पुलिस ने उक्त इमारत से फेंके गए नोटों को जब्त कर लिया. हालांकि डीआरआइ ने किस कंपनी के ऑफिस में छापेमारी की इसका खुलासा नहीं हो सका है. स्थानीय लोगों का अनुमान है कि जिस ऑफिस में डीआरआइ की छापेमारी हुई है वहां पर गैर कानूनी काम होता होगा, इसलिए इतनी मोटी रकम को एकत्र कर रखा गया होगा.