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जय श्रीराम के नारे से नहीं, उसके राजनीतिक इस्तेमाल से ऐतराज: ममता बनर्जी


अपने फेसबुक पोस्ट के जरिए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर राम के नाम पर सियासत करने का आरोप लगाया है. उन्होंने कहा कि मुझे किसी भी राजनीतिक दल की रैली व उनके दल के मतलब के लिए बनाए गए नारों से कोई समस्या नहीं है.

हर पार्टी का अपना नारा होता है. मेरी पार्टी का नारा जय हिंद, वंदे मातरम है. वाम पार्टियों का नारा इंकलाब जिंदाबाद है. इसी प्रकार दूसरों के अलग-अलग नारे हैं. हम एक-दूसरे का सम्मान करते हैं. जय सियाराम, जय राम जी की, राम नाम सत्य है आदि नारों का धार्मिक और सामाजिक अर्थ है. हम इन मनोभावों का आदर करते हैं. लेकिन भाजपा धार्मिक नारे, जय श्रीराम को विकृत रूप से अपने पार्टी के नारे के रूप में काम में लगा रही है तथा इसके माध्यम से धर्म और राजनीति को एक साथ मिला रही है.

हम तथाकथित आरएसएस द्वारा दूसरों पर इन जबरदस्ती के थोपे गए राजनीति नारों का सम्मान नहीं करते हैं, जिसे बंगाल ने कभी भी मान्यता नहीं दी. यह जानबूझकर बर्बरता और हिंसा के जरिए घृणा की विचारधारा को बेचने जैसा है. जिसका हम सभी को मिलजुल कर विरोध करना चाहिए.

आगे उन्होंने लिखा है कि कुछ लोग कभी-कभी कुछ समय तक कुछ लोगों को भ्रमित कर सकते हैं, लेकिन हमेशा सभी को भ्रमित नहीं किया जा सकता है. यदि सभी राजनीतिक दल ऐसी विभेदात्मक और गड़बड़ी फैलाने वाली गतिविधियों का सहारा लेने लगे तो पूरा वातावरण ही दूषित और अनुत्पादक हो जाएगा.

हमें भाजपा के ऐसे क्रियाकलापों का मजबूती से विरोध करना चाहिए और हम जरूर करेंगे, ताकि हमारे संविधान में प्रतिष्ठापित देश की धर्मनिरपेक्ष विशेषता को अक्षुण्ण रख सकें. इसके अलावा उन्होंने देश व राज्य की जनता से अपील करते हुए कहा कि घृणा की राजनीति को उचित जवाब दें व हमारे देश की महान संस्कृति और विरासत का सम्मान करें.