मुजफ्फरपुर: बिहार में मुजफ्फरपुर स्थित बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति (वीसी) के आवास पर देर रात बमबाजी की गयी। पुलिस के मुताबिक बीती देर रात भीमराव अंबेडकर बिहार यूनिवर्सिटी (बीआरएबीयू) के कुलपति दिनेश चंद्र राय के सरकारी आवास को निशाना बनाया गया। अज्ञात स्कूटी सवार बदमाशों ने कुलपति आवास के बाहर बम फेंके, जिससे पूरा इलाका दहल गया। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
हमलावरों ने कुलपति आवास के बाहरी कॉर्नर पर स्थित सुरक्षा गार्ड के कमरे को निशाना बनाकर बम फेंका। जोरदार धमाके की आवाज सुनकर सुरक्षाकर्मी और आसपास के लोग सन्न रह गए। घटना के तुरंत बाद इलाके में हड़कंप मच गया। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती पुलिस जांच के मुताबिक, एक स्कूटी पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने इस वारदात को अंजाम दिया और अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही सिटी एसपी, नगर डीएसपी और यूनिवर्सिटी थाना की पुलिस भारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन फॉरेंसिक की टीम को बुलाया गया। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से साक्ष्यों का संकलन किया है ताकि बम की तीव्रता और प्रकृति का पता लगाया जा सके।
मुजफ्फरपुर एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया, "यूनिवर्सिटी कैंपस स्थित वीसी आवास के पास स्कूटी सवार दो अज्ञात बदमाशों ने देशी बम फेंका था। इस घटना में किसी भी तरह की जान-माल की क्षति नहीं हुई है। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें जांच में जुटी हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"
इस घटना ने यूनिवर्सिटी कैंपस की सुरक्षा और पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि जिस जगह बमबाजी हुई, वहां से यूनिवर्सिटी थाना बिल्कुल करीब ही स्थित है। थाने की नाक के नीचे बदमाश इतनी बड़ी वारदात को अंजाम देकर आराम से निकल गए, जो पुलिस की गश्त और चौकसी पर सवालिया निशान लगाता है।
कैंपस में रहने वाले छात्रों और कर्मचारियों के बीच इस घटना के बाद से डर का माहौल है। लोगों का कहना है कि अगर वीसी जैसे अति-विशिष्ट व्यक्ति का आवास सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा का क्या होगा? फिलहाल, पुलिस बदमाशों की पहचान के लिए तकनीकी इनपुट और स्थानीय मुखबिरों का सहारा ले रही है। देखना होगा कि हाई-प्रोफाइल इलाके में दहशत फैलाने वाले ये अपराधी कब तक कानून की गिरफ्त में आते हैं।

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