अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर महिलाओं का जोरदार स्वागत


 कोलकाता ः अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के मौके पर पश्चिम बंग प्रादेशिक मारवाड़ी सम्मेलन की तरफ से समाज की नामचीन महिलाओं का जोरदार स्वागत एवं अभिनन्दन फुलबगान के होटल पवनपुत्र मे किया गया. सम्मेलन की तरफ से अभिनंदन पाने वालो मे श्रीमती शिल्पा गौरीसरिया (आईएएस, सीनियर स्पेशल सिक्रेटरी फाइनेंस, वेस्ट बंगाल), डॉ. प्रीति गोयल (आईएएस, अतिरिक्त जिलाधिकारी उत्तर 24 परगना), डिप्टी कमिश्नर ऑफ कस्टमस श्रीमती मिनी चौधरी (आईआरएस), द वेलनेस क्लिनिक की एमडी व आईपीएस कुणाल अग्रवाल की पत्नी शीनू अग्रवाल, डॉ. ममता बिनानी (सीएस), डॉ. स्वाति अग्रवाल (आई सर्जन), श्रीमती प्रीति पोद्दार (राज्याध्यक्ष बेस्ट बंगाल होटल एण्ड रेस्टोरेंट काउंसिल ऑफ वोमेन्स इंडियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स), श्रीमती रायना गुप्ता (कराटे चैम्पियन), श्रीमती रेणू अग्रवाल (अध्यक्ष पश्चिम बंगाल मारवाड़ी महिला सम्मेलन), श्रीमती पूनम अग्रवाल (अध्यक्ष कोलकाता मारवाड़ी महिला समिति), श्रीमती नीलम बुवना (समाजसेवी, संस्थापिका लायंस क्लब ऑफ कांकुड़गाछी) शामिल रहीं. कार्यक्रम का सफल संचालन सम्मेलन के अध्यक्ष नन्दकिशोर अग्रवाल ने किया. मिनी चौधरी ने कहा कि महिलाओं मे आत्मविश्वास की सबसे ज्यादा जरूरत है, समाज को बेहतर बनाने के लिये महिलाएं दिन-रात एक की हुई है और इसका पूरा फायदा हमारे समाज को ही जायेगा. शीनू अग्रवाल ने कहा कि महिलाएं परिवार और समाज दोनों की रीढ़ है. महिलाओं के वगैर समाज की कल्पना नही है. हमलोग की कोशिश है कि ज्यादा से ज्यादा समाजसेवा किया जाए ताकि इसका लाभ सभी को मिल सके. स्वाति अग्रवाल ने कहा कि महिलाए पुरूषो के साथ कंधा से कंधा मिलाकर विकास का हर काम कर रही है. ममता बिनानी ने कहा कि पुरुष चाहे जितनी भी सफलता हासिल कर ले लेकिन जब घर लौटता है तो उसकी सफलता सराहने वाली घर मे ही मिलती है चाहे वह उसकी मां हो, पत्नी हो, या बेटी हो, इससे पता चलता है कि एक महिला की सराहना और सपोर्ट पुरुषो के लिए कितना जरूरी है. रेणु अग्रवाल ने कहा कि समाजिक गतिविधयो मे महिलाओं की भागीदारी पुरुषो की अपेक्षा बराबर की रही है और महिलाएं कहीं न कहीं विकास का जनक है, इसकी हिस्सेदारी और भी बढ़ानी पड़ेगी. वहीं पूनम अग्रवाल ने कहा कि नारी का सम्मान करने वाले समाज का विकास हरहाल मे सम्भव है क्योंकि हमलोग केवल अपने परिवार की बात नहीं सोचते बल्कि समाज की बातो को बुलंद करते है. समाजिक क्षेत्रों मे ज्यादा से ज्यादा महिलाओं की भूमिका तय हो जाने से चौमुखी विकास हो रहा है. नीलम बुवना ने कहा कि बिना महिला के कोई भी विकास असंभव है लेकिन पुरुषो की सहभागिता भी बराबर की होती है, हमे खुशी होती है कि महिलाएं और पुरुष कदम से कदम मिलाकर समाज कल्याण मे हमपक्ष होते है. कार्यक्रम व सम्मेलन के अध्यक्ष नन्दकिशोर अग्रवाल ने कहा कि महिलाएं जिस प्रकार से घर-परिवार के साथ-साथ समाज और देश-दुनिया के विकास कंधा दे रहीं है ये देश के विकास का सबसे बड़ा उदाहरण है. हमलोगो ने महिलाओं का सम्मान नहीं किया अपितु अपना सम्मान किया है. क्योंकि इनका सम्मान मतलब अपने आपका सम्मान. श्रीमती सरिता अग्रवाल, नीतिन अग्रवाल, मोहित अग्रवाल ने अतिथियो का स्वागत किया. कार्यक्रम को सफल बनाने मे दामोदर प्रसाद विदावकता, गोपी धुवालिया, मनमोहन बागड़ी, दीपक बंका, सुनील डोकानिया, पुनित खेतावत, दीपक खेतावत, प्रवीण खेतावत, संजय अग्रवाल, करण दुग्गड़, दिनेश सिंघानिया, विवेक अग्रवाल, रूपक केडिया, मुकेश अग्रवाल, पारस अग्रवाल, संलग्न रहे.