Narendra Giri Death: पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में महंत नरेंद्र गिरि की फांसी लगने से मौत

श्रीमठ बाघम्बरी गद्दी के महंत और अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की मौत से पर्दा पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट से उठ गया। महंत नरेंद्र गिरि के पार्थिव शरीर का पोस्‍टमार्टम हो गया है। पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट में फांसी से मौत का पता चला है। फिलहाल इस पर और आधिकारिक तौर पर पुष्टि होना बाकी है। महंत नरेंद्र गिरि की दो दिनों पहले हुई मौत अब तक हत्या और आत्महत्या के बीच संशय उत्पन्न कर रही थी। उनके शिष्य योग गुरु आनंद गिरि ने हत्या का संदेश जताकर और इसमें कई रसूखदार लोगों तथा पुलिस अधिकारियों का हाथ बताकर इस मामले को सवालों के घेरे में ला दिया। हालांकि आनंद गिरि खुद आरोपित है और पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर चुकी है।

पांच डाक्‍टरों का पैनल कर रहा महंत का पोस्‍टमार्टममहंत नरेंद्र गिरि की मौत पर से पर्दा उठाने के लिए आज स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय परिसर के पोस्टमार्टम हाउस में उनके शव का पोस्टमार्टम किया जा रहा है। कहीं कोई चूक न रह जाए और रिपोर्ट पूरी तरह निष्पक्ष रहे इसके लिए पांच डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। जबकि पूरी टीम का सुपरविजन खुद मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर नानक सरन कर रहे थे।

पोस्‍टमार्टम रिपोर्ट पर देश-दुनिया की नजर

महंत नरेंद्र गिरि के पोस्टमार्टम पर देश-दुनिया की नजर टिकी रही कि उनकी मौत आखिर हुई तो कैसे। पोस्टमार्टम परिसर को पुलिस में चारों तरफ से घेर कर सील कर रखा था। इसके सभी रास्तों पर दूर-दूर तक बैरिकेडिंग लगा दी गई ताकि इस पूरे मामले में छेड़छाड़ के लिए कोई पोस्टमार्टम हाउस तक न पहुंच सके। बुधवार को सुबह करीब 8:00 बजे पोस्टमार्टम की कागजी प्रक्रिया शुरू की गई। इसके बाद डाक्टरों ने शव का पोस्टमार्टम शुरू कर दिया है। 

लंबे अरसे बाद किसी शव के पोस्‍टमार्टम के लिए पांच डाक्‍टरों का बना पैनल

ऐसा लंबे अरसे बाद हुआ है कि किसी शव का पोस्टमार्टम करने के लिए पांच डाक्टरों का पैनल बना हो। मामला हाई प्रोफाइल और अति संवेदनशील होने के चलते जिला प्रशासन ने उसी तरह से इंतजाम किए हैं। ब्रह्मलीन महंत नरेंद्र गिरि का पोस्टमार्टम में पांच डाक्टरों का पैनल बनाया गया है। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी की तरफ से तीन डाक्टरों के अलावा दो डाक्टर मोतीलाल नेहरू मेडिकल कालेज के हैं। एक फोरेंसिक एक्सपर्ट को भी शामिल किया गया है।

पूर्व पीएम वीपी सिंह के भाई के मर्डर केस में पांच डाक्‍टरों के पैनल ने किया था पोस्‍टमार्टम

पोस्टमार्टम मंगलवार को ही होना था लेकिन पंचक लगे होने के चलते इसे एक दिन आगे टालते हुए बुधवार को किया गया। पोस्टमार्टम हाउस के सेवानिवृत्त कर्मचारी सुरेश कुमार बताते हैं कि अमूमन बड़े प्रोफाइल वाले मामलों में दो या अधिकतम तीन डाक्टर पोस्टमार्टम कराने आते हैं लेकिन पांच डाक्टरों का पैनल उनके सामने कभी- कभी ही बना। बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. विश्वनाथ प्रताप सिंह के भाई के मर्डर केस में भी पोस्टमार्टम के लिए पांच डाक्टरों का पैनल बना था।