अवैध तरीके से चल रहे ब्लड डोनेशन के काले खेल का खुलासा, 6 आरोपी पकड़े गए


बिहार के मुजफ्फरपुर में अवैध तरीके से चल रहे ब्लड डोनेशन (Illegal Blood Donation) के काले खेल का खुलासा हो गया है। मोहल्ले के लोगों ने इसका भंडाफोड़ किया। पूरा मामला चुनाभट्टी इलाके का है, जहां कई दिनों से ब्लड डोनेशन का खेल चल रहा था। स्थानीय लोगों को इस पर शक हुआ तो उन्होंने इसका सच सामने लाने का फैसला किया। वो उस मकान में गए जहां ये गतिविधियां होती थीं, वहां 9 लोग थे जिसमें तीन भागने में सफल रहे वहीं छह युवकों को लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस अब उन सब से पूछताछ कर रही है।

स्थानीय लोगों की जागरूकता से हुआ गिरोह का भंडाफोड़
बताया जा रहा कि मिठनपुरा थाना इलाके के चुनाभट्टी गली में लोगों की जागरूकता के चलते इस गिरोह का सच सामने आया। मोहल्ले के लोगों की सक्रियता के कारण 6 लोगों को अवैध ब्लड डोनेशन के धंधे में शामिल होने को लेकर पकड़ने में कामयाबी मिली। इस मामले में मुख्य आरोपी नवीन कुमार नाम का शख्स है, जो इसका संचालक है, वो प्राइवेट नर्सिंग होम में कार्यरत बताया जा रहा है।

मुख्य आरोपी अभी भी फरार
चुना भट्टी गली में पिछले करीब 6 महीने से नवीन कुमार ने किराए का मकान लेकर अवैध तरीके ब्लड डोनेशन का धंधा कर रहा था। मोहल्ले के लोगों को जब इस बात की जानकारी हुई तो उन्होंने उस मकान में धावा बोला। देर शाम वहां पर आधा दर्जन से अधिक लोग कमरे में खून निकालने का काम कर रहे थे। मोहल्ले के लोगों ने बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। मिठनपुरा थाने को मामले की सूचना दी। जानकारी मिलते ही मिठनपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और 6 युवकों को पकड़ लिया।

पुलिस कर रही मामले की जांच
इस कार्रवाई में भारी मात्रा में ब्लड सैंपल ब्लड के पैकेट और ब्लड जब्त किया है। पुलिस टीम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। गिरफ्तार किए घए ब्रह्मपुरा थाना क्षेत्र के आरिफ ने बताया कि नशे के लिए वह खून बेचने का काम करता था। इसके लिए उसे एक हजार रुपये मिलते थे और वह हर महीने यहां पर खून देने आता था। वहीं मकान मालकिन मंजू देवी ने बताया कि 6 महीने पहले नवीन कुमार ने उससे यह मकान किराए पर लिया था और उसने बताया था कि वह ब्लड सैंपलिंग का काम करता है। वो खुद एक ब्लड बैंक में काम करता है।

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