Coronavirus : क्वारंटाइन में भेजे गए एनआरएस हॉस्पिटल के 79 डॉक्टर व स्टाफ में 74 की रिपोर्ट नेगेटिव


कोलकाता स्थित एनआरएस मेडिकल कॉलेज व हॉस्पिटल में एक संदिग्ध कोरोना संक्रमित युवक की मौत के बाद अस्पताल प्रबंधन द्वारा एहतियातन क्वारंटाइन में भेजे गए 79 डॉक्टर, नर्स, स्वास्थ कर्मियों में 74 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है। इसमें कुछ लोगों को होम क्वारंटाइन में भी रहने को कहा गया था।

वहीं कुछ लोगों को राजारहाट स्थित क्वारंटाइन सेंटर व कुछ को होटलों में ठहराया गया था। महेशतल्ला के युवक में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि हुई थी। ऐसे में उसके संपर्क में आए लोगों की पहचान पर क्वारंटाइन में रहने को कहा गया था। इस सिलसिले में रविवार को भी एक बैठक की गई थी।

वहीं दूसरी ओर अस्पताल की ओर से अन्य मरीजों की चिकित्सा परिसेवा को लेकर काफी सतर्कता अपनाई जा रही है। बताते चलें कि कोलकाता नगर निगम के मुख्य स्वास्थ्य सलाहकार को कल होम क्वारंटाइन में भेजा गया है। उन्होंने पिछले दिनों कोलकाता के बहुबाजार स्थित अपने चेंबर में एक मरीज को देखा था जो बाद में कोरोना से संक्रमित पाया गया। इधर यह पता चला है कि कोरोना संक्रमित मरीज की किराने की दुकान है। इससे इलाके के और भी लोगों में कोरोना संक्रमित होने की आशंका जताई गई है। 

लॉक डाउन के दौरान कोलकाता के वंचित बच्चों को मिलेगा विटामिन ए फोर्टिफाइड दूध

लॉकडाउन के दौरान कोलकाता के बच्चों को  विटामिन ए फोर्टिफाइड दूध मिलेगा। इस पहल का उद्देश्य महामारी कोविड-19 के दौरान कोलकाता के वंचित और अनाथालयों के बच्चे विटामिन ए की दैनिक खुराक प्राप्त कर पाएं, जो उनमें रोग प्रतिरोधी तंत्र को मज़बूत बनाने में मदद करता है।

दूध की आपूर्ति आईटीसी लि. का फ्रेश डेयरी पोर्टफोलियो ब्रांड आशीर्वाद स्वस्ति करेगा। आशीर्वाद स्वस्ति इस पहल के लिए कोलकाता के वंचित तबकों और अनाथालयों क्षेत्र में काम करने वाले सेव द चिल्ड्रेन, होप कोलकाता फाउंडेशन और एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेज इंडिया नामक तीन गैर सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) के नेटवर्क की मदद लेगा।

विटामिन ए फोर्टिफाइड आशीर्वाद स्वस्ति दूध की सप्लाई सरकार द्वारा घोषित लॉकडाउन की अवधि के अंत तक जारी रहेगी। इस पहल की जानकारी देते हुए संजय सिंगल, सीओओ-डेयरी एंड बेवरेजेस, आईटीसी लिमिटेडने कहा कि दूध, बच्चों के पोषण का सबसे बेहतरीन ज़रिया है। ऐसे बहुत से बच्चे हैं जिन्हें पर्याप्त मात्रा में विटामिन और दूसरे माइक्रोन्यूट्रिएंट युक्त आहार नहीं मिलता और उनके पोषण की ज़रूरत पूरी नहीं हो पाती, न ही उनकी रोगप्रतिरोधी क्षमता का विकास हो पाता है।

रोगप्रतिरोधी क्षमता मज़बूत होने से उनका शरीर बाहरी खतरों से मुकाबला कर सकता है। इस कदम पर बात करते हुए सेव द चिल्ड्रेन एनजीओ के डायरेक्टर - प्रोग्राम एंड पॉलिसी, अनिंदित रॉय चौधरी ने कहा कि दूध बच्चों के आहार का महत्वपूर्ण हिस्सा हिस्सा है जो उन्हें बीमारियों से बचाता है।

इस प्रोग्राम के बारे में होप कोलकाता फाउंडेशन की डाइरेक्टर गीता वेंकदकृष्णन ने कहा कि लॉकडाउन की वजह से ज़रूरी चीज़ों की आपूर्ति काफी धीमी हो गई है, जिससे बच्चों को पोषक आहार दे पाना काफी मुश्किल हो गया है। इस पर बात करते हुए एसओएस चिल्ड्रेन्स विलेज इंडिया के प्रवक्ता और सेक्रेटरी जनरल, सुदर्शन सुचि ने कहा कि “रोगप्रतिरोधक क्षमता मज़बूत बनाने के लिए बच्चों को रोज़ाना दूध पीना चाहिए।