West Bengal Budget: बंगाल में भी मुफ्त बिजली का एलान, जानें-खास बातें


West Bengal Budget: बंगाल में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी सरकार ने अपने दूसरे कार्यकाल के आखिरी पूर्णकालिक बजट पेश करते हुए सोमवार को कई बड़ी घोषणाएं की. राज्य सरकार ने दिल्ली में केजरीवाल सरकार की तर्ज पर बंगाल में भी लोगों को मुफ्त बिजली देने की घोषणा की. विधानसभा में वित्त वर्ष 2020-21 का बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री अमित मित्रा ने कहा कि तीन महीने में 75 यूनिट तक बिजली खपत करने वालों को अब कोई बिल नहीं भरना होगा. उल्लेखनीय है कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार लोगों को 200 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही है. हाल में संपन्न विधानसभा चुनाव में उनकी इस योजना की खासी चर्चा रहीं.

इसके अलावा बंगाल सरकार ने बजट में एससी-एसटी समुदाय के लोगों के लिए पेंशन योजना शुरू करने की भी घोषणा की. मित्रा ने कहा कि बंधू प्रकल्प नामक योजना के तहत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति समुदाय के 60 साल से अधिक उम्र वालों को अब हर महीने राज्य सरकार 1000 रुपये पेंशन देगी. हालांकि इस योजना का लाभ केवल वही उठा पाएंगे जो अन्य किसी पेंशन योजना का लाभ नहीं उठा रहे हैं. वित्त मंत्री ने इस दिन विधानसभा में कुल 2,55,677 करोड़ रुपये के बजट की घोषणा की. उन्होंने अगले तीन वर्षों में राज्य में 100 लघु एवं मझोले औद्योगिक पार्क बनाने की भी घोषणा की. 2020-21 के लिए इस मद में 200 करोड़ रुपये का आवंटन किया गया है.

जय जौहार नाम की योजना भी शुरू करेगी ममता सरकार

बंगाल सरकार ने बजट में आदिवासियों के लिए जय जौहार नाम की योजना शुरू करने की भी घोषणा की. इसमें भी किसी अन्य पेंशन योजना के लाभ से वंचित लोगों को हर महीने एक हजार रुपये पेंशन दी जाएगी.

चाय बागानों के लिए कृषि आयकर माफ

इसके अलावा ममता सरकार ने अगले दो वित्तीय वर्ष 2020-21 और 2021-22 में चाय बागानों के लिए कृषि कर माफ करने करने की घोषणा की. वित्त मंत्री ने कहा कि चा सुंदरी नामक इस योजना के तहत राज्य सरकार स्थाई तौर पर चाय बागानों में काम करने वाले उन लोगों के लिए घर बनवाएगी जिनके पास अपने घर नहीं हैं. इसके अलावा बजट में करसामती योजना के तहत हर साल एक लाख बेरोजगार युवाओं को नौकरी देने की भी घोषणा की गई. बंगाल में बेरोजगारी दर 40 फीसद कम होने का दावा.

बंगाल सरकार ने सोमवार को दावा किया कि राज्य में औद्योगिक विकास दर 31 फीसद है जबकि जीडीपी विकास दर 10.4 फीसद है. वित्त मंत्री ने दावा किया कि बंगाल में बेरोजगारी दर 40 फीसद कम हुई है. गरीबी को दूर करने के मामले में राज्य पहले स्थान पर है.