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शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल के साथ नए विवाद को दी हवा, स्वायत्त संस्थानों में हस्तक्षेप नहीं कर सकती सरकार


बंगाल के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ के साथ नए सिरे से विवाद को हवा दे दी. उन्होंने शिक्षण संस्थानों पर चर्चा के लिए राज्यपाल से मुलाकात के बजाय पत्र लिख कर जवाब दिया और यहां तक कि पत्र को सोशल नेटवर्किग साइट ट्विटर पर भी साझा किया है. अपने पत्र में पार्थ ने कहा है कि चूंकि विश्वविद्यालय स्वायत्त संस्थान है, इसलिए राज्य सरकार इसमें हस्तक्षेप नहीं कर सकती.

पार्थ चटर्जी ने मुलाकात की बजाय धनखड़ को ट्विटर पर दिया जवाब

ट्विटर पर जवाब साझा करने को लेकर पार्थ की दलील है कि चूंकि राज्यपाल ने भी मुख्यमंत्री के जवाबी पत्र को ट्विटर पर साझा किया, इसलिए उन्होंने भी ऐसा करना मुनासिब समझा है.

राज्यपाल ने किया रिट्वीट, यह समय ईंट का जवाब पत्थर से देने का नहीं

राज्यपाल ने भी पार्थ के ट्वीट को रिट्वीट करते हुए कहा कि यह समय ईंट का जवाब पत्थर से देने का नहीं है. मैं इस बात को लेकर पूरी तरह से आशान्वित हूं कि मुख्यमंत्री के कहे अनुसार शिक्षा मंत्री उक्त मुद्दे पर बैठक कर चर्चा करेंगे. क्योंकि मिलजुल कर शिक्षा के विकास के लिए काम करना ही मेरा लक्ष्य है.

राज्यपाल ने राजकीय विश्वविद्यालयों पर चर्चा के लिए पत्र लिखा था

25 दिसंबर को राज्यपाल ने राजकीय विश्वविद्यालयों पर चर्चा के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से 15 दिनों के भीतर मुलाकात को लेकर पत्र लिखा था जिसका जवाब सीएम की ओर से 24 घंटे के अंदर 26 दिसंबर को राजभवन को भेजा गया. 24 घंटे के अंदर प्राप्त सीएम की जवाबी चिट्ठी को शनिवार को राज्यपाल ने ट्विटर पर साझा किया और प्रसन्नता जाहिर की. सीएम ने अपने जवाबी पत्र में कहा था कि शिक्षा विभाग से संबंधित मामलों के लिए राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी राज्यपाल से समयानुसार वार्ता करेंगे. इससे पहले कई बार अन्य मुद्दे पर राज्यपाल सीएम से मुलाकात की इच्छा को लेकर पत्र लिख चुके हैं, लेकिन जवाब अब तक नहीं मिल सका है.

क्या है शिक्षा मंत्री का जवाब

शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने राज्यपाल को भेजे जवाबी पत्र में कहा है, जैसा कि आपने (धनखड़) ने मुख्यमंत्री के जवाबी पत्र को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किया है, इसलिए मैं भी आपको इसी तरह से जानकारी दे रहा हूं. कहा- विश्वविद्यालयों से संबंधित औपचारिक कार्यक्रमों की तारीखें कुलपति द्वारा परिस्थितियों के आधार पर तय की जाती है, विश्वविद्यालय एक स्वायत्त निकाय हैं और राज्य सरकार वर्तमान कानूनी प्रावधान के मुताबिक इसमें दखल नहीं दे सकती.

जेयू विवाद के बाद कहा था बैठक के लिए

24 दिसंबर को जब राज्यपाल जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) के दीक्षा समारोह में शामिल होने पहुंचे थे तो कुछ छात्रों ने उनका रास्ता रोक विरोध किया था और गो बैक के नारे लगाए थे. इसे लेकर उन्होंने 15 दिन के भीतर सीएम के साथ बैठक करने का आग्रह किया था.

पार्थ चटर्जी वार्ता को तैयार, बशर्ते राज्यपाल का दृष्टिकोण सौहार्दपूर्ण हो

जेयू को लेकर पार्थ चटर्जी ने अपने पत्र में कहा है कि उस दौरान छात्र नागरिकता कानून, एनआरसी, एनपीआर के खिलाफ आंदोलन कर रहे थे. चटर्जी ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह राज्यपाल जो कि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी है, के साथ बातचीत को तैयार हैं बशर्ते उनका दृष्टिकोण सौहार्दपूर्ण हो क्योंकि यह शिक्षा विभाग के सर्वोत्तम हित में है.