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AGM में हुए ऐलान से बहार, RIL का मार्केट कैप फिर हुआ 8 लाख करोड़ के पार


रिलायंस इंडस्ट्रीज का बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैपिटल) फिर 8 लाख करोड़ रुपये के पार हो गया है. सऊदी अरब की कंपनी आरामको द्वारा रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) में 20 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदने के ऐलान के बाद से ही रिलायंस के शेयरों में मजबूती आने लगी. करीब 13 कारोबारी सत्र के बाद मंगलवार को कारोबार के दौरान ही आरआईएल का मार्केट कैप 8 लाख करोड़ के आंकड़े को पार कर चुका था. पिछले दो दिनों में ही रिलायंस के शेयर करीब 10 फीसदी चढ़ चुके हैं.

 बुधवार को सुबह 11 बजे तक आरआईएल के शेयर हरे निशान में थे. रिलायंस के शेयर की कीमत 1287 रुपये और कंपनी का कुल बाजार पूंजीकरण 8,15,840 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका था.

गौरतलब है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) द्वारा सोमवार को 42वें एनुअल जनरल मीटिंग का आयोजन किया गया था. इसमें कंपनी के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश अंबानी ने बताया था कि सऊदी अरब की कंपनी आरामको ने रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) में 20 फीसदी की हिस्सेदारी खरीदने का निर्णय लिया है.

आरामको द्वारा हिस्सा खरीदने की घोषणा के बाद ही रिलायंस के शेयरों में मजबूती आनी शुरू हो गई. पिछले हफ्ते कारोबार के अंतिम दिन शुक्रवार को RIL का बाजार पूंजीकरण 7,36,602 करोड़ रुपये का था, जो मंगलवार को कारोबार के पहले चार घंटों में ही बढ़कर 8,20,753 करोड़ रुपये तक पहुंच गया.

इसके पहले 23 जुलाई को रिलायंस का मार्केट कैप 8.06 लाख करोड़ रुपये था. इसके बाद से लगातार रिलायंस का मार्केट कैप 8 लाख करोड़ रुपये से नीचे रहा. पिछले साल 5 जुलाई को जब रिलायंस ने अपना 41वां एजीएम किया था तो उसके शेयरों की कीमत 964 रुपये थी, लेकिन शुक्रवार को इसके शेयरों की कीमत बढ़कर 1162 रुपये पहुंच गई और सोमवार को यह 1287 के आसपास पहुंच गया.

इस तरह एक साल की अवधि में इसमें 20 फीसदी से ज्यादा की बढ़त हो चुकी है. शुक्रवार से मंगलवार तक यानी दो कारोबारी सत्रों में ही इसमें 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़त आ चुकी है. मुकेश अंबानी ने यह घोषणा की है कि मार्च 20121 तक कंपनी पर कर्ज शून्य हो जाएगा, इसके बाद रिलायंस के शेयरों को लेकर सेंटिमेंट पॉजिटिव हो गया.

कंपनी की सालाना रिपोर्ट के अनुसार, रिलायंस देश की सबसे बड़ी निर्यातक कंपनी है. वित्त वर्ष 2018-19 में रिलायंस का कंसोलिडेटेड टर्नओवर 6,22,809 करोड़ रुपये का रहा, जो एक साल पहले के मुकाबले 44 फीसदी ज्यादा है. इस दौरान कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 39,588 करोड़ रुपये का रहा जिसमें पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले 13.1 फीसदी की बढ़त हुई है.