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ATM फ्रॉड के मामलों में हुई बढ़ोतरी, इस राज्य में सामने आए सबसे ज्यादा मामले


भारतीय रिज़र्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2018-19 में एटीएम फ्रॉड के मामलों में बढ़ोतरी हुई है। एटीएम फ्रॉड के मामले में राज्यवार आंकड़ों को देखें, तो महाराष्ट्र इसमें शीर्ष पर रहा है। महाराष्ट्र में इस समयावधि में एटीएम फ्रॉड के 223 मामले सामने आए जिसमें 4.81 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ।

एटीएम फ्रॉड के मामले में महाराष्ट्र के बाद तमिलनाडु दूसरे स्थान पर आया है। यहां 3.63 करोड़ का फ्रॉड हुआ। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली में इस समयावधि में एटीएम फ्रॉड के 179 मामले सामने आए जिनमें 2.9 करोड़ रुपये का फ्रॉड हुआ। एटीएम फ्रॉड के मामलों में राज्यों में हुई इस बढ़ोतरी के कारण देश भर में के कुल मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। जहां वित्त वर्ष 2017-18 में 911 मामले सामने आए, तो वहीं वित्त वर्ष 2018-19 में एटीएम फ्रॉड के कुल मामले बढ़कर 980 हो गए। इसके बावजूद भारत के उत्तर-पूर्वी राज्यों असम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा में एटीएम फ्रॉड का कोई मामला सामने नहीं आया।

भले ही एटीएम फ्रॉड के मामले में बढ़ोतरी हुई हो, लेकिन फ्रॉड में शामिल रुपयों में कमी दर्ज हुई है। जहां वित्त वर्ष 2017-18 में 65.3 करोड़ रुपयों का नुकसान हुआ था, तो वहीं वित्त वर्ष 2018-19 में 21.4 करोड़ रुपयों का ही नुकसान हुआ है। हालांकि, इन आंकड़ों में एक लाख से नीचे के मामले शामिल नहीं थे।

एक्सपर्ट्स के अनुसार, फ्रॉड करने वालों ने लोगों की बैंक अकाउंट डिटेल्स पाने के लिए अलग-अलग हथकंडे अपनाए। दिल्ली में इस तरह के लोगों ने कम सुरक्षा सुविधाओं वाली एटीएम मशीनों को निशाना बनाया। इसके अलावा फ्रॉड करने वालों ने ग्राहकों को मदद के लिए ऑफर किया और उनका कार्ड एक्सचेंज करके बाद में पैसे निकाल लिये। इसके अलावा  बैंक का कस्टमर केयर एजेंट बनकर भी लोगों को ठगा गया।