न्यूयॉर्क में आतंकी हमले में 8 लोगों की मौत, PM मोदी ने की आलोचना


न्यूयॉर्क : अमरीका में न्यूयॉर्क के लोअर मैनहटन में एक ट्रक ड्राइवर ने पैदल चलने वालों और साइकिल लेन में टक्कर मार कर कम से कम 8 लोगों की जान ले ली और 12 अन्य को घायल कर दिया। अधिकारियों ने इसे आतंकवादी हमला बताया है।
न्यूयॉर्क के पुलिस आयुक्त जेम्स.ओ. नील ने बताया कि 29 वर्षीय ट्रक ड्राइवर जब एक स्कूल बस में टक्कर मारकर भागने की कोशिश कर रहा था तो पुलिस ने उसके पेट में गोली मारी और उसे हिरासत में ले लिया। स्कूल बस से टक्कर में दो बच्चे और दो व्यस्क घायल हो गए। आठ में से छह लोगों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि दो अन्य लोगों ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। आतंकी हमले में मारे गए 8 लोगों में से 1 बेल्जियम और 5 अर्जेंटीना के नागरिक हैं। वहीं पुलिस की गोली से घायल 29 साल के संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया। वह उज्बेकिस्तान का नागरिक बताया जा रहा है।
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्यूयॉर्क आतंकी हमले की आलोचना करते हुए ट्वीट किया। मोदी ने कहा कि उनकी संवेदनाएं हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के साथ हैं। उन्होंने घायलों के जल्दी स्वस्थ्य होने की कामना की। इस हमले में किसी भारतीय के हताहत होने की खबर नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमले की निंदा करते हुए ट्वीट किया, 'न्यूयॉर्क में एक बीमार किस्म के आदमी ने हमला किया, सुरक्षा एजेंसिया इसपर अपनी नजरें बनाए हुए हैं'। ट्रंप कहा कि 'मीडिल ईस्ट में हराने के बाद अब ISIS को वापस नहीं आने देंगे और न ही अमेरिका में घुसने देंगे'। राष्ट्रपति ट्रंप हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना भी जाहिर की है।
जानिए, इससे पहले अमेरिका में कब-कब हमले हुए
3 जुलाई 2017 : बोस्टन में हुए हमले ने एक बार फिर अमेरिका को हिला दिया। इस हमले में भी एक सिरफिरा कार लेकर भीड़ पर चढ़ गया। इस हमले में 10 लोग घायल हुए थे।
11 सितंबर, 2001 : अमेरिकी इतिहास में सबसे बड़ा और भयानक आतंकवादी हमला। अलकायदा आतंकी संगठनों के सदस्यों ने दो यात्री विमानों का अपहरण कर उन्हें न्यूयॉर्क के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के दो टॉवरों से टकरा दिया था, जिससे ये दोनों इमारते गिर गई थीं। तीसरा विमान पेंटागन से टकराया था और अगवा किया गया चौथा विमान पेंसिलवेनिया में गिर गया था। हमले में करीब 3 हजार लोगों की जानें गई थीं। 11 सितंबर, 2001 को आतंकी हमलों के बाद बहुत से बम विस्फोटों के संभावित हमलों को रोक दिया गया था।
27 जुलाई 1996 : अटलांटा के सेंटेलियल ओलिंपिक पार्क पर बमों से हमला किया गया था। ओलिम्पिक के दौरान हुए इस हमले में दो लोग मारे गए थे और 112 लोग घायल हुए थे।
9 अक्टूबर, 1995 : मियामी से लॉस एंजिल्स जाने वाली ट्रेन को एरिजोना के रेगिस्तान में डिरेल कर दिया गया था और इसके पीछे तोड़फोड़ करने वालों ने खुद को 'सन्स ऑफ गेस्टापो' बताते हुए इसकी जिम्मेदारी ली थी। इस घटना में 1 आदमी की मौत हुई थी और 80 से ज्यादा घायल हो गए थे। जांचकर्ताओं का कहना था कि इसे 1993 में डेविड के अनुयायियों के हमले से जोड़ा गया था जिसमें वाको, टेक्सास में 80 लोगों की मौत हुई थी।
19 अप्रैल, 1995 : ओक्लाहोमा सिटी बमबारी में 186 लोगों की मौत हुई थी और 500 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इसमें टिमोथी मैकवे शामिल था जो कि एक अमेरिकी मिलिशिया आंदोलन का समर्थक था और खाड़ी युद्ध में अमेरिका की ओर से लड़ भी चुका था। उसने विस्फोटकों से भरे ट्रक को अल्फ्रेड पी. मुरे फेडरल बिल्डिंग के बाहर उड़ा दिया था। जून 1997 में उसे मौत की सजा मिली थी और 11 जून, 2001 को उसे फांसी दे दी गई।
26 फरवरी, 1993 : एक ट्रक बम को कार पार्क में उड़ा दिया गया था। यह स्थान वर्ल्ड ट्रेड सेंटर के एक टॉवर के पास था। इसमें 6 लोगों की मौत हुई और 1000 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। इस मामले में चार इस्लामवादियों को 240 वर्ष तक जेल में रहने की सजा दी गई थी। बाद में, इस हमले का दोष मिस्र के एक अंधे मुस्लिम मौलवी उमर आब्देल रहमान पर डाला गया था जिसे अमेरिकी कोर्ट ने 1996 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी।
16 मई, 1981 : न्यूयॉर्क के जेकेएफ हवाई अड्‍डे पर पैन अमेरिका के‍ टर्मिनल में पुरुषों के कमरे में एक विस्फोट हुआ था, जिससे एक आदमी की मौत हो गई थी। इस हमले की जिम्मेदारी ‍प्यूरिटो रिको के एक संगठन ने ली थी।
29 दिसंबर, 1975 : न्यूयॉर्क के ला गुआर्डिया हवाई अड्‍डे पर एक लॉकर में हुए विस्फोट में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 75 अन्य घायल हो गए थे।
24 जनवरी, 1975 : न्यूयॉर्क के एक टैवर्न में विस्फोट से चार लोगों की मौत हुई थी और इस विस्फोट के लिए प्यूरिटी रिकॉन नेशनलिस्ट ग्रुप को दोषी ठहराया गया था, जिसने 1947 और 1977 के बीच 49 हमले किए थे।
24 अगस्त, 1970 : उग्रवादियों के एक हमले में यूनिवर्सिटी ऑफ विसकॉंसिन, मैडिसन के एक शोधार्थी की मौत हो गई थी।
16 सितंबर, 1920 : न्यूयॉर्क के वॉल स्ट्रीट इलाके में एक बम फटा था, जिसमें 40 लोगों की मौत हो गई थी और सकड़ों की संख्या में लोग घायल हुए थे। पुलिस ने हमलावरों की पहचान की थी।