तेलगी ने अर्थव्यवस्था को दिया था 32 हजार करोड़ का झटका

बेंगलुरु : फर्जी स्टांप घोटाले के मास्टर माइंड अब्दुल करीम तेलगी उर्फ करीम लाला का गुरुवार को निधन हो गया। तेलगी का अपराध देश के 18 राज्यों में फैला हुआ था और उसने भारतीय अर्थव्यवस्था को करीब 32 हजार करोड़ रुपये का झटका दिया। 
तेलगी ने फर्जी पासपोर्ट, विदेशी बिल, ब्रोकर्स नोट, बीमा पॉलिसी आदि बनाकर अपराध की दुनिया में कदम रखा। तेलगी का जन्म वर्ष 1961 कर्नाटक के बेलागवी जिले के खानपुर में हुआ था। मुंबई के दलाल स्ट्रीट पर ट्रेवेल एजेंसी खोलने के बाद उसने फर्जी दस्तावेज जैसे स्टांप, आईडी आदि बनाने में महारत हासिल कर ली। उसे वर्ष 1991 में फर्जी वीजा बेचने के आरोप में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। 

बताते हैं कि जेल में ही उसकी मुलाकात राम रतन सोनी से हुई। सोनी ने कथित रूप से उसे स्टांप बेचना बेचने के बारे में बताया। लंबे समय तक शेयर लेन-देन में तेलगी के फर्जी स्टांप का इस्तेमाल किया गया। तेलगी का फर्जीवाड़ा जब चरम पर था, उस समय उसने 350 एजेंट रखे थे, जो थोक खरीदारों को स्टांप बेचते थे। 

बता दें, स्टांप पेपर घोटाले में कर्नाटक एसआईटी ने जिन 60 लोगों को गिरफ्तार किया था, उनमें तेलगी मुख्य आरोपी था। जनवरी 2006 में उसे 30 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई थी। एक साल बाद ही इस घोटाले के एक अन्य मामले में उसे 13 साल की सजा दी गई। तेलगी को 16 अक्टूबर को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था जहां उसकी मौत हो गई।