शहीद हुए आरक्षक की बेटी के विवाह में शामिल हुए शिवराज

भोपाल। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान अपना वादा निभाते हुए शुक्रवार रात यहां भोपाल जेल से कैदियों के फरार होने की घटना में मारे गये प्रधान आरक्षक की बेटी सोनिया यादव के विवाह समारोह में शामिल हुए और उसे आशीर्वाद के साथ सरकारी नौकरी का नियुक्ति पत्र भी सौंपा। भोपाल की केन्द्रीय जेल से 30-31 की दीपावली की रात को फरार होने के पहले आठ सिमी के उग्रवादी कैदियों ने जेल के प्रधान आरक्षक रमाशंकर यादव की गला रेत कर हत्या कर दी थी। फरार होने के कुछ घंटों बाद ही भोपाल के बाहरी इलाके में पुलिस ने आठों फरार कैदियों को कथित मुठभेड़ में मार गिराया था। 
मुख्यमंत्री चौहान ने कर्तव्य के दौरान शहीद हुए प्रधान आरक्षक यादव के परिवार को सांत्वना देते हुए उस समय उनकी बेटी के 9 दिसंबर को निश्चित हुए विवाह में शामिल होने और हरसंभव मदद करने का वादा किया था। चौहान ने अपना वादा निभाते हुए न केवल वर वधू सुनील और सोनिया के विवाह समारोह में पहुंचकर नवदंपत्ति को आशीर्वाद दिया बल्कि उपहार दिये और विवाह के दौरान वरमाला और अन्य रस्मों के दौरान उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने इस दौरान बारात का स्वागत भी किया। इस मौके पर उन्होंने सोनिया यादव को मंत्रालय में सहायक ग्रेड-3 के पद पर नियुक्ति का पत्र भी सौंपा।
 इससे पहले दिन में समारोह स्थल पहुंच कर उन्होंने शादी से संबंधित बारात के स्वागत, भोजन तथा अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर सहकारिता राज्य मंत्री विश्वास सारंग और महापौर आलोक शर्मा भी उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि सोनिया मध्य प्रदेश की बेटी है। उसकी शादी में कोई कमी नहीं रहे, इसकी कोशिश की गई। प्रदेश में कोई भी पुलिसकर्मी कर्तव्य निर्वहन के दौरान शहीद होगा तो उसकी बेटी मध्य प्रदेश की बेटी होगी और उसका विवाह समाज और सरकार मिलकर करेंगे। उन्होंने दोनों परिवारों को शुभकामनाए दीं।