संसद में दी गई जयललिता को श्रद्धांजलि, सम्मान में दोनों सदन स्थगित




नई दिल्ली : संसद में मंगलवार को तमिलनाडु की लोकप्रिय और करिश्माई मुख्यमंत्री दिवंगत जे जयललिता को श्रद्धांजलि देने के बाद दोनों सदनों की कार्यवाही उनके सम्मान में दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई।

दोनों ही सदनों में सदस्यों ने कुल पल मौन रखकर जयललिता को श्रद्धांजलि दी। उसके बाद उनके सम्मान में बैठक को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। लोकसभा में सुबह सदन की कार्यवाही शुरू होने पर अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने जयललिता के निधन की जानकारी दी।
अध्यक्ष ने कहा कि सेल्वी जे जयललिता का निधन कल पांच दिसंबर 2016 को चेन्नई में 68 वर्ष की आयु में हो गया। जयललिता छह बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री रहीं और तमिलनाडु विधानसभा की सात बार विधायक रहीं। वह तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष की पहली महिला नेता थीं। सुमित्रा महाजन ने कहा कि जयललिता सही अर्थों में जनता की नेता थीं जिन्हें उनके अनुयायी अम्‍मा यानी मां के रूप में संबोधित करते थे। उन्हें पुराचितलर्वी के रूप में भी संबोधित किया जाता है जिसका अर्थ क्रांतिकारी नेर्ता होता है। उन्होंने कहा कि जयललिता एक सम्पूर्ण शास्त्रीय नृत्यांगना और जानीमानी अभिनेत्री थीं। उन्होंने 140 तमिल, तेलगू, कन्नड और हिन्दी फिल्मों में अभिनय किया। अध्यक्ष ने कहा कि उनके निधन से देश ने अत्यंत लोकप्रिय, साहसी और प्रख्यात नेता को खो दिया।
उधर राज्यसभा में भी जयललिता को श्रद्धांजलि देने के बाद उनके सम्मान में बैठक दिन भर के लिए स्थगित कर दी गयी। सुबह बैठक शुरू होने पर सभापति हामिद अंसारी ने उनके निधन का सदन में जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जयललिता के निधन से देश ने एक प्रमुख नेता, अनुभवी सांसद और योग्य प्रशासक खो दिया। अंसारी ने उन्हें करिश्माई व्यक्तित्व बताते हुए कहा कि जयललिता ने आर्थिक विकास और समाज के गरीब तबके के कल्याण के लिए खासा योगदान दिया। उन्होंने कहा कि एक कुशल कलाकार जयललिता का तमिल, तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों में भी खासा योगदान रहा। वह इस सदन की पूर्व सदस्य थीं और उन्होंने अप्रैल 1984 से जनवरी 1989 तक उच्च सदन में तमिलनाडु का प्रतिनिधित्व किया।