Friday, July 15, 2016

ढाका आतंकी हमले के मास्टरमाइंड के बंगाल में छिपे होने की आशंका

कोलकाता : बांग्लादेश की राजधानी ढाका में एक जुलाई को रेस्तरां में हुए आतंकी हमले के मास्टरमाइंड के बंगाल में छिपे होने की आशंका जताई जा रही है। बांग्लादेशी खुफिया एजेंसियों के मुताबिक रेस्तरां में हमले के मास्टरमाइंड ने अपने गुर्गों के साथ सात माह पहले इसकी तैयारी की थी।
यही नहीं, वहां के खुफिया अधिकारियों का मानना है कि बांग्लादेश में सक्रिय कट्टरपंथियों के कई संगठनों ने संयुक्त रूप से हमले को अंजाम दिया है। जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी), हिजबुल तहरीर (हुत) और अंसारुल्ला बांग्लादेश टीम (एबीटी) के आतंकियों ने संयुक्त रूप से हमले का षड्यंत्र रचा था।
इन आतंकी संगठनों को इस्लामिक स्टेट ऑफ सीरिया एंड इराक (आइएसआइएस) या फिर पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आइएसआइ) ने मदद की थी या नहीं, इसका फिलहाल पर्दाफाश नहीं हुआ है लेकिन संयुक्त हमले के बारे में बांग्लादेशी सुरक्षा एजेंसियों द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत पकड़े गए कुछ आतंकवादियों से पूछताछ में कुछ जानकारी हाथ लगी है। तहकीकात में रेस्तरां कांड के मुख्य सरगना के बारे में जानकारी मिली है।
हमले के सरगना के बारे में बांग्लादेशी खुफिया एजेंसियों ने भारत के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को पूरी जानकारी भेजी है। खबर यह भी आ रही है कि सात माह पहले ढाका व टैंगाइल में हमले के लिए मास्टरमाइंड ने रेकी कराई थी। बाद में प्लान को बदलकर टैंगाइल में हमले के लिए नियुक्त आतंकी टीम को किशोरगंज भेजा गया था।
उसी ने किशोरगंज के शोलकिया इलाके में ईद के दिन ईदगाह के निकट तैनात पुलिस वालों पर हमला किया था। हमले के मास्टरमाइंड के बंगाल में छिपे होने को लेकर भारत भी चिंतित है क्योंकि बांग्लादेश से पश्चिम बंगाल में घुसपैठ आसान है और सबसे अधिक घुसपैठ की घटना मालदा सीमा से हो रही है, जो हर दिन हत्या, अफीम की खेती से लेकर जाली नोट व हथियारों की तस्करी के खिलाफ कुख्यात है। इस खबर के बाद से भारत-बांग्लादेश सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई है। बीएसएफ को भी सतर्क किया गया है।