Thursday, June 16, 2016

व्हाइट हाउस में दलाई लामा से मिलेंगे बराक ओबामा


वाशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति बराक ओबामा चीन के विरोध को नजरअंदाज करते हुए व्हाइट हाउस में दलाई लामा से मुलाकात करेंगे। ओबामा के इस कदम के कारण निर्वासित तिब्बती आध्यात्मिक नेता (रिपीट) आध्यात्मिक नेता को अलगाववादी मानने वाले चीन की त्योरियां चढ़ सकती हैं। राष्ट्रपति के मंगलवार को जारी कार्यक्रम के अनुसार ओबामा बुधवार सुबह व्हाइट हाउस में दलाई लामा से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात व्हाइट हाउस के ‘मैप रूप’ में होगी जिसमें प्रेस को आने की अनुमति नहीं होगी। तिब्बती आध्यात्मिक नेता इस समय अमेरिका की यात्रा पर हैं। तिब्बती आध्यात्मिक नेता जब कभी अमेरिकी राजधानी में होते हैं तो अमेरिका के राष्ट्रपति आम तौर पर उनसे मुलाकात करते हैं। इससे पूर्व व्हाइट हाउस ने कहा था कि अमेरिका के राष्ट्रपति दलाई लामा के धार्मिक एवं आध्यात्मिक नेता होने के कारण उनसे मुलाकात करते हैं। हालांकि अमेरिका का मानना है कि तिब्बत चीन का अभिन्न हिस्सा है लेकिन दलाई लामा की अमेरिका के राष्ट्रपति के साथ हर मुलाकात बीजिंग को नाराज कर देती है। शीर्ष डेमोक्रेटिक नेता नैंसी पेलोसी ने कहा, ‘‘तिब्बतियों एवं विश्व भर के लोगों के लिए सम्मानजक होने के कारण परम पूजनीय हमें हमारी बड़ी जिम्मेदारी का एहसास कराते हैं कि हम मानवाधिकारों की रक्षा करने, समानता को प्रोत्साहित करने एवं पर्यावरण की रक्षा करने के लिए काम करें।''


नैंसी ने कहा, ‘‘तिब्बत में तिब्बतियों की संख्या को कमजोर करने की चीन की हर प्रकार की कोशिश वास्तव में बहुत गलत होगी। बहुत सीधे स्पष्ट रूप से गलत होगी। फिर से, यह अंत:करण को चुनौती देना होगा।’’ उन्होंने ओबामा के दलाई लामा से मुलाकात करने के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि तिब्बती आध्यात्मिक नेता की अमेरिका के साथ मित्रता एवं अमेरिका में दोनों पार्टियों के नेताओं की ओर से उन्हें मिलने वाला सम्मान ‘‘तिब्बती स्वायत्ता के न्यायसंगत होने के प्रति हमारे दृढ़ सम्मान को दर्शाता है।’’ नैंसी ने कहा, ‘‘आजादी पसंद लोग यदि तिब्बत में दमन के खिलाफ बात नहीं करते हैं तो हमें विश्व में कहीं भी मानवाधिकारों की बात करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।’’ सीनेटरों बॉब कॉर्कर एवं बेन कार्डिन ने दलाई लामा और तिब्बती सरकार के निर्वासित प्रधानमंत्री लोबसांग सांग्ये से मुलाकात की।कॉर्कर ने कहा, ‘‘जब हमारा देश तेजी से अस्थिर एवं अनिश्चित बन रही दुनिया के साथ संघषर्रत है तो ऐसे में हमें उनका वह सार्वभौमिक संदेश प्रेरणा देता है जो हमारे अंदर गहराई से बसे कई मूल्यों को प्रतिबिंबित करता है।’’ कॉर्कर ने कहा कि उन्होंने अमेरिका और तिब्बत के लोगों के लिए महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा की। कॉर्डिन ने कहा, ‘‘मैं अमेरिका की विदेश नीति एवं हमारे विदेशी साझीदारों एवं सहयोगियों के कार्य में मूलभूत मानवाधिकारों की रक्षा करने एवं उन्हें ऊंचा उठाने की महत्ता पर बल देता रहा हूं, ऐसे में दलाई लामा मेरे लिए प्रेरणा का स्रोत एवं मार्गदर्शक हैं।’’ नैंसी ने सदन में बोलते हुए दलाई लामा से मुलाकात करने के ओबामा के निर्णय का स्वागत किया।