Sunday, June 5, 2016

उप्र सरकार विधि व्यवस्था पर ध्यान देः हेमा मालिनी


मथुरा: अपने लोकसभा क्षेत्र मथुरा में हिंसा के बीच मुंबई में अपनी फिल्म शूटिंग की तस्वीरें ट्विटर पर डालने के लिए आलोचनाओं के घेरे में आयीं अभिनेत्री और भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने घटना के लिए आज उत्तर प्रदेश की अखिलेश यादव सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उसे विधि व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत है। भाजपा नेता ने कहा कि हिंसा की खबर मिलते ही वह अपनी फिल्म की शूटिंग रद्द कर तत्काल मथुरा पहुंचीं। उन्होंने तस्वीरें साझा करने के विवाद पर पर्दा डालने की कोशिश करते हुए कहा, ‘‘मैं एक फिल्म की शूटिंग कर रही थी इसलिए मैंने ऐसा कहा। उसके बाद यह घटना हुई। शुक्रवार रात मैं यहां पहुंचीं। मैंने अपनी सभी शूटिंग रद्द कर दीं और यहां आ गयी। मेरी मौजूदगी जब जरूरी होगी, मैं आउंगी। मुझे और भी काम हैं। मैं पिछले दस दिन से यहां थीं। मैं जैसे ही गयी, उसके अगले दिन यह हुआ।’’


हेमा ने मथुरा के हालात के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के रूख को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा, ‘‘उत्तर प्रदेश सरकार को विधि व्यवस्था पर ठीक से ध्यान देना चाहिए जिसमें उन्होंने कुछ छूट दे रखी थी। पिछले दो सालों से यह सब हो रहा है। मुझे ऐसा सुनने को मिला है। लेकिन पिछले दो साल में जब भी मैं यहां आयी हूं, लोगों ने मुझसे बस विकास की बातें कीं। इसलिए मुझे जो करना है, मैं कर रही हूं।’’ भाजपा सांसद ने कहा कि पुलिस अतिक्रमण हटाना चाहती थी लेकिन राज्य सरकार से उसे ऐसा करने के आदेश नहीं मिल रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘वे ऐसा करना चाहते थे लेकिन उन्हें राज्य सरकार से इसे (अतिक्रमण) हटाने के आदेश नहीं मिल रहे थे। यह राज्य सरकार का मुद्दा है। वे मेरे पीछे क्यों पड़े हैं? यह बहुत हास्यास्पद है। और आप मथुरा के लोगों से पूछें। वे आपको बताएंगे कि मैं यहां क्या कर रही हूं। मैं कितना काम कर रही हूं। मुझे आप लोगों के सामने खुद को साबित करने की जरूरत नहीं है।’’

हेमा ने कहा, ‘‘मथुरा के लोग आपको बताएंगे कि मैं यहां क्या कर रही हूं और कितना काम कर रही हूं। आपको एक साल के भीतर सब कुछ दिखेगा क्योंकि इसमें समय लगता है, क्योंकि पिछले सालों में कुछ नहीं हो रहा था जो अब मैं पूरे दिल से और बेहद गंभीरता से करने की कोशिश कर रही हूं।’’ गुरुवार को मथुरा में पुलिस और एक पंथ के सदस्यों के बीच हुए संघर्ष में एक पुलिस अधीक्षक एवं एक थाना प्रभारी सहित कुल 24 लोग मारे गए। पंथ के सदस्यों ने सरकारी जमीन का अतिक्रमण किया हुआ था जिसे हटाने के लिए पुलिस वहां गयी थी। मथुरा की सांसद ने कहा कि उन्हें दो महीने पहले जवाहरबाग की स्थिति की जानकारी मिली थी और उन्होंने इसे लेकर जिला मजिस्ट्रेट से बात की थी।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे कहा था कि अगर यह पिछले दो सालों से हो रहा है तो आपने पहले इसे क्यों नहीं हटवाया क्योंकि ये लोग वहां केवल दो दिन के लिए आश्रय लेने आए थे और वहां दो साल से जमे हुए हैं।’’ भाजपा नेता ने कहा, ‘‘आपने ऐसा कैसे होने दिया। वे सभी अतिक्रमणों को हटाने की योजना बना रहे थे। पुलिस उचित तरीके से इन लोगों को हटाने की योजना बना रही थी जोकि नहीं हुआ। जांच करना बहुत जरूरी है क्योंकि पुलिस अधीक्षक सहित दो काबिल पुलिस अधिकारियों ने अपनी जान गंवा दी जिसका मुझे सच में अफसोस है क्योंकि मैं भी उस अधिकारी (पुलिस अधीक्षक) से मिली थी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन्हें किसी का समर्थन हासिल था तभी वे वहां जमे हुए थे। उस समर्थन के कारण वे दो साल से वहां थे और फिर पुलिस को उन अतिक्रमणों को हटाने के लिए उच्च न्यायालय से आदेश मिले थे।’’ सांसद ने कहा, ‘‘केवल इस वजह से कि मैंने ट्वीट किया, आप लोग सोच रहे हैं कि मैं सही इंसान नहीं हूं जोकि आप लोगों की मूर्खता है। मैं बस इतना ही कह सकती हूं।’'