Sunday, June 19, 2016

भारत की प्रगति से उसके पड़ोसियों को लाभ होना चाहिए: मोदी


कोलंबो: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जाफना में श्रीलंकाई राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के साथ संयुक्त रूप से एक स्टेडियम का उद्घाटन करते हुए कहा कि भारत का पूरी तरह मानना है कि उसकी आर्थिक प्रगति से पड़ोसियों को लाभ होना चाहिए। इस स्टेडियम का नवीनीकरण भारत की ओर से कराया गया है। भारत का उसके सहयोग के लिए धन्यवाद करते हुए सिरिसेना ने कहा कि कभी-कभार गलत समझ और व्याख्याएं हो सकती हैं, लेकिन श्रीलंका द्विपक्षीय संबंधों को मजबूती प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। मोदी ने सिरिसेना के साथ दुरईअप्पा स्टेडियम का उद्घाटन किया। इस स्टेडियम का नाम जाफना के पूर्व मेयर दिवंगत अलफ्रेड थम्बीराजा दुरईअप्पा के नाम पर रखा गया है। यह स्टेडियम 1997 में अनुपयोगी हो गया था। अब भारत सरकार ने सात करोड़ रूपये की लागत से इस स्टेडियम का नवीनीकरण कराया है। इसे ‘ऐतिहासिक दिन’ करार देते हुए मोदी ने विश्वास दिलाया कि श्रीलंका के अपने नागरिकों के लिए प्रगति और समृद्धि का रास्ता तैयार करने के क्रम में भारत उसके साथ खड़ा रहेगा। इस मौके पर नयी दिल्ली से वीडियो कान्फ्रेसिंग के जरिए मोदी ने कहा, ‘‘भारत आर्थिक रूप से समृद्ध श्रीलंका देखने का इरादा रखता है। एक ऐसा श्रीलंका जहां पूरे देश में उसके लोगों के बीच एकता और अखंडता, शांति, सद्भाव, सुरक्षा और समान अवसर तथा स्वाभिमान हो।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमारे संबंध दोनों सरकारों के दायरे तक सीमित नहीं हैं। वे हमारे इतिहास, संस्कृति, भाषा, कला और भूगोल के समृद्ध संपर्क रिपीट संपर्क से जुड़े हैं। भारत का यह पूरी तरह मानना है कि उसकी आर्थिक प्रगति से उसके पड़ोसियों को लाभ होना चाहिए।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि संचार के आधुनिक उपकरणों के कारण भारत के 125 करोड़ लोग और श्रीलंका की मित्रवत जनता ‘इस जश्न में शामिल हुई’ है।

मोदी ने कहा, ‘‘करीब 20 वर्षों के इंतजार के बाद एक बार फिर से आपके उत्साह और वाहवाही से दुरईअप्पा स्टेडियम की आत्मा जागृत हो जाएगी। यद्यपि हम वहां हजारों किलोमीटर दूर दिल्ली में बैठे हैं, पर हम जाफना में जीवंतता की नब्ज और बदलाव के माहौल को महसूस कर सकते हैं।’’ इस नवीनीकृत स्टेडियम में बैठने की क्षमता 1850 की है। इससे जाफना में खेल को प्रोत्साहित करने और युवाओं के सर्वांगीण विकास को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘‘दुरईअप्पा स्टेडियम सिर्फ ईंट और गारे की बात नहीं है। यह आशावाद और आर्थिक विकास का प्रतीक है। जाफना के युवाओं के समृद्ध एवं स्वस्थ भविष्य का क्षेत्र है। यह हिंसा की विरासत को त्यागने और आर्थिक विकास की राह पकड़ने की आपकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।’’सिरिसेना ने श्रीलंका के विकास में सहयोग के लिए भारत सरकार का धन्यवाद किया। श्रीलंकाई राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘मैं इस स्टेडियम को सुलह के केंद्र के तौर पर देखता हूं क्योंकि स्टेडियम में आप जाति, नस्ल, धर्म या किसी अंतर का अहसास नहीं करते। खेल और खेल के मैदान सुलह के प्रतीक होते हैं। यह सुलह का प्रतीक है।’’ मोदी ने कहा कि इस स्टेडियम का काम सफलतापूर्वक संपन्न होना इसका संकेत है कि श्रीलंका अतीत को पीछे छोड़ चुका है और समृद्ध भविष्य का वादा करते हुए दिख रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘दुरईअप्पा स्टेडियम हमारे सहयोग की भावना का द्योतक है। निश्चित तौर पर श्रीलंका के विकास के लिए भारत का सहयोग हमारी मित्रता का एक संकल्प है। यह आपकी प्राथमिकताओं पर निर्भर करेगी और आपकी जरूरतें ही इसका भरोसा है जिस पर आप निर्भर कर सकते हैं। यही हमारे वर्तमान और हमारे भविष्य के संदर्भ में हमारे संबंधों को प्रासंगिक बनाता है।''

मोदी और सिरिसेना नवीनीकृत स्टेडियम में पहले बड़े आयोजन..दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह के साक्षी बने जहां हजारों विद्यार्थियों ने राष्ट्रपति सिरिसेना, उत्तरी प्रांत के मुख्यमंत्री सीवी विग्नेश्वरन और स्टेडियम में मौजूद अन्य शीर्ष श्रीलंकाई मंत्रियों तथा अधिकारियों के साथ ‘सूर्य नमस्कार’ किया। दूसरे अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले मोदी ने कहा कि श्रीलंका ‘‘2014 में इस संदर्भ में लाए गए संयुक्त राष्ट्र प्रस्ताव का सबसे पहले समर्थन करने वाले देशों में शामिल था।’’ उन्होंने कहा, ‘‘और आज, हमने जाफना, इस दुरईअप्पा स्टेडियम से आगाज के तौर पर अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का शुभारंभ मनाया।’’ मोदी ने कहा कि इस समारोह के दौरान किया गया सूर्य नमस्कार विश्व को प्रकृति के साथ समग्र स्वास्थ्य, सौहर्दापूर्ण एवं सतत जीवन जीने का संदेश देता है। उन्होंने कहा कि दुरईअप्पा स्टेडियम ‘‘हमारी स्थाई मित्रता के एक और प्रतीक के रूप में’’ खड़ा होगा। अपने पिछले साल के जाफना दौरे को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह ऐतिहासिक दिन था क्योंकि यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली जाफना यात्रा थी। श्रीलंकाई नेतृत्व की सराहना करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘मैं इस परियोजना की सफलता सुनिश्चित करने के लिए आपके (सिरिसेना) अद्भुत नेतृत्व और प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे, गवर्नर तथा उत्तरी प्रांत के मुख्यमंत्री का अभिनंदन भी करता हूं।''